मनेंद्रगढ़। वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में दुबई में भारत का डंका बजा है। उम्र सिर्फ एक संख्या है… यह कहावत मनेंद्रगढ़ की कमला देवी मंगतानी ने सच कर दिखाई है। 67 वर्ष की आयु में जब अधिकतर लोग अपने शरीर की सीमाओं को स्वीकार कर बैठते हैं, तब कमला देवी ने अपने अटूट संकल्प, अनुशासन और आत्मबल से न सिर्फ जीवन को चुनौती दी, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपने शहर, राज्य और देश का नाम भी रोशन किया।
कमला देवी मंगतानी पिछले 30 वर्षों से डायबिटीज बीमारी से जूझ रही हैं। एक समय था, जब डॉक्टरों ने इलाज से जवाब दे दिया था और चलने-फिरने में असमर्थता के कारण उन्हें बैसाखी थमा दी गई थी, लेकिन जहां एक ओर शरीर जवाब दे रहा था, वहीं दूसरी ओर उनका मनोबल और आत्मविश्वास नई उड़ान भरने को तैयार था। उन्होंने न केवल बैसाखी को छोड़ा, बल्कि अपने पैरों पर खड़ा होकर चलना शुरू किया। एक-एक कदम आगे बढ़ाते हुए उन्होंने जीवन के प्रति एक नया नजरिया अपनाया।







