छिंदवाड़ा/ भोपाल। शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव छिंदवाड़ा में एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने एक ओर प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान-2026’ की शुरुआत की, वहीं दूसरी ओर जनता की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई का संदेश भी दिया। छिंदवाड़ा में शिकायतों की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने सीएमएचओ डॉ. नरेश गुन्नाड़े, एक तहसीलदार और एक पटवारी को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अभियान की शुरुआत के दौरान स्पष्ट किया कि सरकार अब सिर्फ राजधानी और कार्यालयों से नहीं चलेगी, बल्कि हर शुक्रवार अफसरों और जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच जाकर समस्याएं सुननी होंगी। इसके लिए शुक्रवार को प्रदेश में ‘नो मीटिंग डे’ रहेगा।
जनता के बीच पहुंचेगी सरकार: सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हर शुक्रवार जिला मुख्यालय से लेकर तहसील स्तर तक जनता दरबार लगाए जाएंगे। इनमें मंत्री, विधायक, कलेक्टर, कमिश्नर और अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। जनता से सीधे संवाद के जरिए उनकी समस्याओं को समझा जाएगा और मौके पर ही समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनविश्वास अभियान के चार प्रमुख आधार संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी हैं। जनता से मिलने वाले सुझावों और समस्याओं के आधार पर भविष्य की योजनाएं और नीतियां तैयार की जाएंगी।
कलेक्टर कार्यालय में भी किया निरीक्षण : मुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय स्थित लोक सेवा केंद्र का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद उद्यमियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से संवाद कर जिले के विकास, औद्योगिक संभावनाओं और स्थानीय जरूरतों पर चर्चा की।
प्राकृतिक खेती और ग्रामीण पर्यटन पर जोर : मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय जरूरतों और कार्य संस्कृति के अनुरूप विकास की योजनाएं तैयार की जा रही हैं। प्राकृतिक खेती, पशुपालन और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे जैसी पहलों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जनविश्वास अभियान के जरिए सरकार का लक्ष्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान करना और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना है।







