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कोरबा

दूसरे की जमीन का स्वामित्व बताकर बनवाया फर्जी इकरारनामा, अग्रिम राशि का गबन, महिला की रिपोर्ट पर जुर्म दर्ज

कोरबा। सरकारी और दूसरे के आधिपत्य व स्वामित्व की जमीन को अपना बताकर फर्जी इकरारनामा बनवाने और अग्रिम राशि का गबन करने के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है।मिली जानकारी के अनुसार मानिकपुर पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम दादरखुर्द में सड़क से लगी हुई जमीन का फर्जी इकरारनामा तैयार किया गया। चिमनीभट्ठा निवासी श्रीमती आशा प्रधान पति मुन्ना प्रसाद 41 वर्ष के साथ अजय भगत पिता जयश्री भगत 49 वर्ष निवासी कृष्णा नगर ने ग्राम दादर स्थित खसरा नंबर 881 व 882 की 12 डिसमिल जमीन निजी आधिपत्य व स्वामित्व की होना बताकर सौदा किया।इस दौरान घरेलू खर्च हेतु जरूरत होना बताकर 12 डिसमिल में से 2 डिसमिल जमीन को 1 लाख 20 हजार रुपए में बेचने की बात रखी। मौके पर जाकर अजय ने जमीन भी दिखाया। जमीन पसंद आने के बाद जिला न्यायालय पहुंचकर अमृतलाल कंवर से नोटरी कराकर बिक्री इकरारनामा का निष्पादन 1 अक्टूबर 2016 को कराया गया। नगद 50 हजार अजय भगत को दिया गया और शेष 70 हजार रजिस्ट्री के दौरान देना तय हुआ। इसके बाद अजय भगत ने उक्त भूमि की रजिस्ट्री वर्ष 2022 तक नहीं किया। तब मानिकपुर चौकी में 1 सितंबर को आशा प्रधान ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद जमीन रजिस्ट्री करने का आश्वासन और नहीं होने पर रकम लौटाने का भरोसा देता रहा। उसकी नीयत पर संदेह हुआ तो आशा प्रधान ने कलेक्टोरेट के लोक सेवा केन्द्र से नवंबर-दिसंबर 2022 में खसरा नंबर 881 एवं 882 तथा उसके समस्त 19 टुकड़ों के खसरा पांचसाला की प्रमाणित प्रति प्राप्त की। ज्ञात हुआ कि खसरा नंबर 881 और उसके समस्त टुकड़ों की भूमि शासकीय है तथा खसरा क्रमांक 882/1 ख/1 भूखिन बाई पिता मदनलाल की भूमि है और 882 की अन्य टुकड़ों की जमीन छत्तीसगढ़ शासन की है। इन दोनों जमीन को अपना बताकर अजय भगत के द्वारा फर्जी इकरारनामा निष्पादित कराकर छलपूर्वक 50 हजार ठगी कर लिया गया। इस मामले में शिकायत उपरांत पुलिस ने धारा 420 भादवि के तहत अजय भगत के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

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