कोरबा। पसान क्षेत्र में मंगलवार सुबह बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। पसान बस स्टैंड के पास ग्रामीणों, स्थानीय व्यापारियों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुबह 7 बजे से चक्का जाम कर दिया। करीब साढ़े चार घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण पसान मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद सुबह करीब 11:30 बजे आंदोलन समाप्त किया गया।
रेलवे स्टेशन और कॉलेज का मुद्दा भी उठा : आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र के विकास से जुड़े अन्य मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। इनमें पसान में प्रस्तावित रेलवे स्टेशन का लंबित निर्माण, पिछले करीब पांच वर्षों से बंद पड़े कॉलेज निर्माण कार्य को दोबारा शुरू करना और उदेरदा पिकनिक स्पॉट के विकास की मांग शामिल है। ग्रामीणों ने पिकनिक स्पॉट तक पहुंचने वाले रेलवे लाइन से बंद रास्ते को फिर से खोलने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार, मिला लिखित आश्वासन : चक्का जाम की सूचना मिलने पर तहसीलदार वीरेंद्र सिंह श्याम पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच मांगों को लेकर बातचीत हुई। तहसीलदार ने बताया कि आंदोलन में स्वास्थ्य और बिजली से संबंधित मांगें प्रमुख थीं। विद्युत विभाग से चर्चा के बाद पसान फीडर को अलग करने का प्रस्ताव शासन को भेजने की बात कही गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर MBBS डॉक्टर की पदस्थापना की प्रक्रिया शुरू कराने का आश्वासन दिया गया।
ग्रामीण युसूफ खान के अनुसार, BMO के निर्देश पर PHC में डॉक्टर की स्थायी पदस्थापना की बात कही गई है। विद्युत विभाग ने भी बिजली से जुड़ी मांगों को छह महीने के भीतर पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया है। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन, कॉलेज निर्माण और उदेरदा पिकनिक स्पॉट से जुड़ी मांगों को लेकर प्रशासन को 15 दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि तय अवधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा और इस बार प्रदर्शन को और व्यापक किया जा सकता है।
चक्का जाम में पसान के अलावा बैरा, कोटमरा, सड़ामार, तेलियामार और कुम्हारीसानी सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। स्थानीय व्यापारियों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।







