झारखंड /रांची । नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार को रांची में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन से जुड़े 16 नक्सलियों ने झारखंड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में छह इनामी नक्सली शामिल हैं, जिन पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस समूह में पांच महिला नक्सली भी शामिल हैं।
128 आपराधिक मामलों में संलिप्त था संतोष महतो : आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे प्रमुख नाम संतोष महतो उर्फ बसुदेव दा उर्फ दिलीप का है। वह प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) का रीजनल कमेटी सदस्य था और उसके ऊपर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के मुताबिक, संतोष महतो 128 आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके ऊपर एक मार्च को मनोहरपुर, छोटानगर और झारियाकेला थाना क्षेत्र की सीमा से लगे जंगल में आईईडी विस्फोट की घटना में शामिल होने का भी आरोप है। इस विस्फोट में कोबरा बटालियन का एक जवान घायल हो गया था।
10 लाख का इनामी चंदन लोहरा भी हुआ शामिल : आत्मसमर्पण करने वालों में जोनल कमेटी सदस्य चंदन लोहरा भी शामिल है। उसके खिलाफ 78 मामले दर्ज हैं और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस का मानना है कि उसके आत्मसमर्पण से संगठन की गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा।
हथियार और गोला-बारूद भी पुलिस को सौंपे : आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी जमा कराया। इनमें छह इंसास राइफल, दो एके-47 राइफल, 38 मैगजीन और 1,562 कारतूस शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों से पूछताछ की जा रही है और उन्हें सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।







