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छत्तीसगढ़

गूगल से मिले नंबर ने राइस मिल संचालक को आफत में डाला, ठग ने 2.65 लाख की लगा दी चपत

जांजगीर। गूगल पर दिखने वाला हर नंबर और वेबसाइट असली हो, यह जरूरी नहीं। डोमिनोज़ की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठगने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर ठग को जांजगीर पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अकलतरा के एक राइस मिल संचालक को अपनी जालसाजी का शिकार बनाते हुए 2.65 लाख ऐंठ लिए थे। जांच के दौरान अकलतरा पुलिस ने उस बैंक खाते का ब्योरा निकाला, जिसमें पैसे ट्रांसफर हुए थे। जांच में पता चला कि वह खाता दिल्ली के पुल प्रहलादपुर में रहने वाले ललित कश्यप का है। आरोपी कई राज्यों में इसी तरह की साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।

गूगल पर खोज रहे थे फ्रेंचाइजी, ठग के जाल में फंस गए

जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा निवासी 24 वर्षीय संस्कार अग्रवाल एक राइस मिल का संचालन करते हैं। व्यापार को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने डोमिनोज़ की फ्रेंचाइजी लेने की योजना बनाई। गूगल क्रोम पर जाकर डोमिनोज़ फ्रेंचाइजी के लिए ऑनलाइन आवेदन तलाशा और आवेदन कर दिया। एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम निखिल तिवारी बताया और खुद को डोमिनोज़ कंपनी का आधिकारिक प्रतिनिधि जाहिर किया।

पंजीयन फीस के नाम पर ऐंठ लिए 2,65,500

नकली प्रतिनिधि बने साइबर ठग ने बातचीत के दौरान संस्कार अग्रवाल को झांसे में ले लिया। उसने फ्रेंचाइजी की कागजी प्रक्रिया पूरी करने और रजिस्ट्रेशन के नाम पर 2,65,500 की फीस जमा करने को कहा। संस्कार ने उस पर भरोसा करते हुए 10 अप्रैल 26 को अपने निजी बचत खाते से आरोपी के बताए गए बैंक खाते में पूरी रकम ट्रांसफर कर दी।

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