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सिक्किम टनल हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

पीएम मोदी बोले- हर संभव मदद करेंगे

गंगटोक। नामची जिले के सामरदुंग (झोलुंगे) स्थित एनएचपीसी की निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए हादसे में मृतकों की संख्या 20 हो गई है। जिला प्रशासन ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की है।

इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने चल रहे बचाव अभियान की समीक्षा करते हुए राज्य सरकार को केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राहत एवं बचाव कार्यों में राज्य सरकार को हर आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने प्रधानमंत्री द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और त्वरित हस्तक्षेप के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में प्रधानमंत्री का समर्थन और एकजुटता राज्य के लिए बड़ी ताकत है। हादसे के बाद सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में राज्य की पूरी जनता शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति और परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राहत एवं बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए), सिक्किम पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, पाक्योंग और सिलीगुड़ी की एनडीआरएफ टीमों सहित विभिन्न विशेषज्ञ एजेंसियां सुरंग में फंसे शेष श्रमिकों तक पहुंचने और उन्हें बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने बचाव कार्य में जुटे सभी अधिकारियों और कर्मियों के साहस, समर्पण और अथक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद वे लगातार अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने संबंधित सभी विभाग और एजेंसियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने, बचाव कार्य में तेजी लाने तथा पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने, अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार से बचने तथा प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बचाव अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बरामद शवों में पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी निवासी बोलो उरांव, गोरा उरांव और बाइकेसर उरांव, पंजाब के पठानकोट निवासी यासोहल, उत्तराखंड के देहरादून निवासी विकेय रावत, असम निवासी बाबुल बोरोदलई तथा नामची जिले के कटांग निवासी लाक्पा दोर्जी तामांग शामिल हैं। वहीं, पुलिस के अनुसार, तीन शवों की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। इन शवों को जिला अस्पताल सिंगताम और एसटीएनएम अस्पताल भेजा गया है।

नामची जिला प्रशासन, अधिकारियों, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सिक्किम पुलिस, फायर और इमरजेंसी सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर लगातार ऑपरेशन चला रहा है। बयान में कहा गया है कि एसएसडीएमए स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और जरूरत पडऩे पर आगे की जानकारी दी जाएगी।

नामची जिले की कलेक्टर अनूपा टमलिंग ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा, “ऐसी संभावना है कि लगभग 27 मजदूर सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं। हालांकि, सुरंग के अंदर की स्थिति के बारे में अभी तक पूरी जानकारी नहीं मिली है, इसलिए सही संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है।”उन्होंने बताया कि नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) की एक टीम टनल में दाखिल हो गई है और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि एनडीआरएफ टीम के लौटने के बाद ही यह साफ जानकारी मिल पाएगी कि कितने वर्कर अंदर हैं और उनकी हालत कैसी है। गौरतलब है कि सोमवार दोपहर समरडोंग में एक सुरंग के अंदर कथित तौर पर गैस लीक होने की घटना सामने आई। इस घटना के बाद सुरंग के अंदर काम कर रहे लोग फंस गए और उन्हें बचाने के लिए संबंधित एजेंसियों को तैनात किया गया है।

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