कोरबा। उरगा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रेलर ने सड़क किनारे मौजूद मवेशियों को रौंद दिया। हादसे में 6 मवेशियों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 2 गंभीर रूप से घायल हैं। चालक भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेलर काफी तेज गति से गुजर रहा था। सड़क किनारे मौजूद मवेशियों को चालक समय रहते नहीं देख सका या वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया। देखते ही देखते ट्रेलर ने कई मवेशियों को जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छह मवेशियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पते रहे। हादसे के बाद सड़क पर लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि चालक को समय पर नहीं पकड़ा जाता तो वह आसानी से फरार हो सकता था। लोगों ने पुलिस से चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सूचना मिलने के बाद उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृत मवेशियों का पंचनामा तैयार कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही ट्रेलर को भी अपने कब्जे में ले लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। चालक से पूछताछ की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पशुपालकों को हुआ बड़ा नुकसान
इस हादसे में जिन पशुपालकों के मवेशियों की मौत हुई है, उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशी केवल पशु नहीं, बल्कि परिवार की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार होते हैं। एक साथ छह मवेशियों की मौत ने संबंधित परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित पशुपालकों को शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए और घायल मवेशियों का बेहतर उपचार कराया जाए।
तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। कई बार प्रशासन से गति नियंत्रण, नियमित जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की जा चुकी है, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसे हादसे इंसानों की जान भी ले सकते हैं।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था और भारी वाहनों की निगरानी पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्धारित गति सीमा का पालन, नियमित वाहन जांच, चालक की सतर्कता और संवेदनशील क्षेत्रों में स्पीड कंट्रोल जैसे उपाय ऐसे हादसों को काफी हद तक रोक सकते हैं।
प्रशासन और परिवहन विभाग के लिए यह आवश्यक है कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।







