नई दिल्ली। इंफोसिस के संस्थापक एन. आर. नारायण मूर्ति ने एआई के कारण नौकरियों पर मंडराते संकट की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। बेंगलुरु में ट्रिपल आईटी के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि नई तकनीक हमेशा रोजगार के नए रास्ते खोलती है।
बैंकिंग सेक्टर का उदाहरण
नारायण मूर्ति ने याद दिलाया कि जब बैंकों में कंप्यूटर और ‘कोर बैंकिंग’ आई थी, तब भी नौकरियों के जाने का डर था, लेकिन असल में तकनीक ने बैंकिंग को और सुलभ बनाया, जिससे काम बढ़ा और नौकरियां घटने के बजाय और बढ़ गईं।
कोडिंग से आगे बढ़ना होगा
उन्होंने बताया कि भविष्य में केवल कोडिंग करना काफी नहीं होगा। एआई की मदद से कोडिंग आसान हो जाएगी, इसलिए अब पेशेवरों को समस्याओं को समझने और सही समाधान निकालने पर ज्यादा ध्यान देना होगा।
भारत के लिए नया मौका
नारायण मूर्ति ने कहा कि भारत को अब एलओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स), स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देना चाहिए। उनका मानना है कि अगर हम नई चीजें सीखते रहें और अपनी मानसिकता बदलें, तो एआई भारत के विकास के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा।
मुख्य बिंदु
तकनीक काम का स्वरूप बदलती है, रोजगार खत्म नहीं करती।
कर्मचारियों को लगातार नए कौशल (स्कील सेट ) सीखने होंगे।
एआई से उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे नए प्रोजेक्ट्स और नई भूमिकाएं जन्म लेंगी।
भारत में ‘डीप लर्निंग’ और ‘न्यूरल नेटवर्क’ जैसे क्षेत्रों में अभी अपार संभावनाएं हैं।







