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उत्तर प्रदेश

राम बरात में बरसा आस्था का रंग, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा शहर

बरेली।  होली से पहले बरेली में आस्था और परंपरा के संगम से ऐसा रंग जमा, जिसमें शहरवासी सराबोर हो गए। बरेली में 166वीं बार ऐतिहासिक राम बरात निकाली गई। बराती बने हुरियारों ने जमकर होली खेली। शहर के ब्रह्मपुरी स्थित नृसिंह मंदिर से सुबह करीब 10 बजे पूजा-पाठ के बाद राम बरात की शुरुआत हुई। रघुवर दूल्हा बनकर रथ पर निकले तो जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो गया। रथ पर उनके साथ भ्राता लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र भी सवार थे। राम बरात में हजारों लोग शामिल हुए। इनका उत्साह देखते ही बन रहा था।

हुरियारों ने की मोर्चाबंदी  :  बरातियों के रूप में हुरियारों की टोलियों ने फूलों की बारिश के बीच रंगों से मोर्चाबंदी की। हवा में उड़ता गुलाल, गुब्बारों से बरसते उमंग के रंग, सतरंगी चेहरे और चारों ओर जयकारे गूंजते रहे। जैसे-जैसे रथ आगे बढ़ता रहा, वैसे वैसे हुरियारों का उल्लास बढ़ता गया। 

शहरवासियों ने किया स्वागत :  जगह-जगह पर शहरवासियों ने फूल और रंग बरसाकर राम बरात का स्वागत किया।  राम बरात में रथ के साथ तमाम झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। राम बरात के दौरान पानी की कमी न हो, इसके लिए 15 जगह 17 टैंकर लगाए गए। 

इस बार चंद्र ग्रहण की वजह से राम बरात होली से एक दिन पहले निकाली गई। बरेली की राम बरात आसपास के जिलों में भी प्रसिद्ध है। यह अनूठी परंपरा विश्व धरोहरों में शामिल है। इसे देखने के लिए लोग आसपास के इलाकों से हजारों लोग भी पहुंचे।

राम बरात शोभायात्रा के दौरान पांच सीओ, पांच थाना प्रभारी, सात इंस्पेक्टर, 108 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल, 16 महिला कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई है। एक कंपनी पीएसी भी लगाई गई। इससे पहले पुलिस अधिकारियों ने रविवार रात राम बरात के रूट का जायजा लेकर लोगों से संवाद किया।

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