लाहौर । जिस शाहीन अफरीदी को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पिछले साल टी20 टीम की कप्तानी से हटा दिया था, उनकी टीम लाहौर कलंदर्स ने तीसरी बार पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के खिताब पर कब्जा जमाया है। लाहौर की टीम पिछले चार साल के अंदर तीसरी बार चैंपियन बनी है। रविवार को खेले गए फाइनल में शाहीन की लाहौर टीम ने सऊद शकील की क्वेटा ग्लैडिएटर्स को छह विकेट से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए क्वेटा की टीम ने 20 ओवर में नौ विकेट पर 201 रन बनाए थे। जवाब में लाहौर की टीम ने 19.5 ओवर में चार विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
दिलचस्प बात यह रही कि जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर सिकंदर रजा फाइनल में टॉस से महज 10 मिनट पहले इंग्लैंड से लाहौर पहुंचे थे और उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। रजा ने नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेला था जिसे जिम्बाब्वे शनिवार को पारी से हार गया था। क्वेटा के स्पिनरों की जोड़ी अबरार अहमद (27 रन पर एक विकेट) और उस्मान तारिक (38 रन पर एक विकेट) ने बीच के ओवरों में लाहौर पर शिकंजा कस दिया था। जब रजा मैदान पर आए तो लाहौर को आखिरी 20 गेंदों पर 57 रन की जरूरत थी। इसके बाद रजा ने सात गेंदों पर नाबाद 22 रन (दो चौके और दो छक्के) बनाए, जबकि कुसल परेरा ने 31 गेंदों में नाबाद 62 रनों (पांच चौके और चार छक्के) की पारी खेली। रजा रविवार को पीएसएल फाइनल मैच से ठीक पहले पहुंचकर लाहौर के लिए संकटमोचक साबित हुए।







