नई दिल्ली। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी के अनावरण की घोषणा की। करीब तीन हफ्ते तक चले विवाद के बाद ECB और BCCI ने गुरुवार को तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी लॉन्च कर दी। इसी के साथ पटौदी ट्रॉफी को अधिकृत रूप से रिटायरकर दिया गया। दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड ने पटौदी परिवार के सम्मान में पटौदी मेडल देने का फैसला लिया है, जो इस सीरीज के विजेता कप्तान को दी जाएगी।
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जाने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज अब तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी के लिए खेली जाएगी। इससे पहले इस सीरीज को पटौदी ट्रॉफी के लिए खेला जाता था। गुरुवार को इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी के अनावरण की घोषणा की। बोर्ड ने बताया कि पटौदी की विरासत को कोई हानि नहीं पहुंचेगी। इस सीरीज को जीतने वाली टीम के कप्तान को पटौदी मेडल सौंपा जाएगा।
तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी के नाम से जानी जाएगी भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज- भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज का नाम तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी रखा जाएगा। इससे पहले दोनों टीमों के बीच खेली जाने वाली यह सीरीज पदौटी ट्रॉफी के नाम से जानी जाती थी। इंग्लैंड और भारत के बीच टेस्ट सीरीज को पटौदी ट्रॉफी के लिए खेला जाता था। इसका नाम इफ्तिखार अली खान पटौदी और उनके बेटे मंसूर अली खान पटौदी के नाम पर रखा गया था। मार्च में ईसीबी ने पटौदी परिवार को लिखा था कि वे ट्रॉफी को रिटायर करना चाहते हैं। हालांकि, अब इसका नाम बदलकर तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी कर दिया गया है।







