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25 फरवरी को होलाष्टक का दूसरा दिन : उग्र अवस्था में रहेंगे सूर्यदेव, इस मंत्र का करें जाप

Holashtak 2026: आज 24 फरवरी से होलाष्टक की शुरुआत हो गई है। 3 मार्च को होलिका दहन के दिन होलाष्टक समाप्त होंगे। ऐसी मान्यता है कि होलाष्टक के 8 दिनों के दौरान नकारात्मक शक्तियां बहुत ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं। ऐसे में इस अवधि में शुभ कार्यों पर पाबंदी  होती है। वहीं, होलाष्टक 8 दिनों में अलग-अलग ग्रह उग्र अवस्था में भी रहते हैं। होलाष्टक के दूसरे दिन सूर्य ग्रह उग्र अवस्था में होंगे। तो आइए जानते हैं कि उग्र ग्रह को शांत करने के लिए आपको कौन से उपाय करने चाहिए।

होलाष्टक के दूसरे दिन सूर्य रहेंगे उग्र :  फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को होलाष्टक का दूसरा दिन होता है और इस तिथि पर सूर्य देव उग्र अवस्था में रहते हैं। इस अवधि में नकारात्मक शक्तियां का आपको प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में जिन जातकों की कुंडली में सूर्य ग्रह कमजोर है, उन लोगों को भी इस अवधि में सतर्क रहना चाहिए।

सूर्य ग्रह की उग्रता कम करने के लिए शांति उपाय

  1. होलाष्टक के दूसरे दिन नीचे दिए गए उपायों को करके आप सूर्य देव की उग्रता या बुरे प्रभावों को कम कर सकते हैं। सूर्य ग्रह की शांति के लिए किए जाने वाले ये उपाय बहुत ही सरल, लेकिन प्रभावशाली माने जाते हैं।
  2. होलाष्टक के दूसरे दिन स्नान के बाद सूर्य देव की पूजा करें और उनको जल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद गायत्री मंत्र, सूर्य मंत्र या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। फिर हाथ जोड़कर सूर्य ग्रह से अपने कल्याण की कामना करें।
  3. होलाष्टक के दूसरे दिन सूर्य की उग्रता को कम करने के लिए सूर्य देव के मंत्र- “ओम ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:” का जाप करें। जातकों को 3 या 5 माला इस मंत्र का जाप करने से लाभ मिलेगा।
  4. सूर्य की उग्रता को कम करने के लिए सूर्य देव से जुड़ी वस्तुओं का दान करना चाहिए। पूजा के बाद आपको गेहूं, लाल कमल, मसूर दाल, गुड़, तांबा के बर्तन, लाल या पीले वस्त्र आदि का दान करें।
  5. अगर आप वाकई सूर्य देव की कृपा पाना चाहते हैं तो होलाष्टक के दूसरे दिन याद से अपने माता-पिता के पैर छूकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। अपने अभिभावकों की सेवा करें और उनकी आज्ञा का पालन करें।
  6. ऐसी मान्यता है कि गौ सेवा करने से हजार तीर्थों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है और ग्रह दोष भी दूर होते हैं। होलाष्टक के दौरान आपको गौ सेवा जरूर करनी चाहिए।
  7. होलाष्टक के दूसरे दिन आप नवग्रह पीड़ाहर स्तोत्र या नवग्रह कवच मंत्र का जाप करना भी फायदेमंद माना जाता है। ऐसा करने से सभी ग्रह दोष से शांति मिलती है।

 

डिस्क्लेमर :  उक्त लेख धार्मिक आस्था व लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए  Today Studio उत्तरदायी नहीं है।