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रायगढ़ में आज से चक्रधर समारोह : राज्यपाल रमेन डेका करेंगे शुभारंभ, जानें 10 दिनों तक होंगे कौन-कौन से कार्यक्रम

रायगढ़। जिला मुख्यालय में आज से 10 दिनों तक चलने वाले अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह का आगाज होने जा रहा है। चक्रधर समारोह का शुभारंभ महामहिम राज्यपाल रमेन डेका करेंगे। समारोह में पहले दिन केन्द्रीय मंत्री भारत सरकार पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय गजेन्द्र सिंह शेखावत और केन्द्रीय राज्य मंत्री आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तोखन साहू शिरकत करेंगे।

रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह का 40वां संस्करण आज शाम से आरंभ हो रहा है। 10 दिवसीय इस भव्य आयोजन में देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। समारोह के पहले दिन केन्द्रीय मंत्री भारत सरकार पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय गजेन्द्र सिंह शेखावत और केन्द्रीय राज्य मंत्री आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तोखन साहू शिरकत भी करेंगे।

निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार केन्द्रीय संस्कृति मंत्री शेखावत 27 अगस्त को दोपहर 2.30 बजे उज्जैन मध्यप्रदेश से प्रस्थान कर शाम 6 बजे जिंदल गेस्ट हाऊस पहुंचेंगे। तत्पश्चात वे रात्रि 8 बजे रामलीला मैदान रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे तथा रात्रि 10 बजे समारोह से प्रस्थान कर जिंदल गेस्ट हाऊस में रात्रि विश्राम करेंगे।

28 अगस्त को प्रातः 7.30 बजे रायगढ़ से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। वहीं केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री साहू 27 अगस्त को दोपहर 2 बजे जिला सक्ती से प्रस्थान कर शाम 5.30 बजे जिंदल गेस्ट हाऊस पहुंचेंगे। तत्पश्चात वे रात्रि 7.15 बजे रामलीला मैदान रायगढ़ में आयोजित चक्रधर समारोह में शामिल होंगे। रात्रि 10.30 बजे से 11 बजे तक राजमहल रायगढ़ आरक्षित एवं रात्रि 11 बजे राजमहल से जिंदल गेस्ट हाऊस रायगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे तथा रात्रि विश्राम करेंगे।

0 ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं और दर्शकों को करेंगे मंत्रमुग्ध

27 अगस्त : डॉ.कुमार विश्वास काव्य से श्रोताओं को करेंगे भावविभोर
समारोह का शुभारंभ 27 अगस्त को गणेश वंदना से होगा, जिसे स्व.वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात दिल्ली के पंडित राजेन्द्र गंगानी कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगे। इस दिन का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध कवि डॉ.कुमार विश्वास रहेंगे, जो अपनी ओजस्वी वाणी और काव्य से श्रोताओं को भावविभोर करेंगे। पहली बार भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से इंपैनल्ड लोक कलाकार तथा दक्षिण मध्य सांस्कृतिक केंद्र के कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

28 अगस्त: शास्त्रीय नृत्य और संगीत का होगा संगम
दूसरे दिन सुनील मानिकपुरी लोक कर्मा गायन, राजनंदिनी पटनायक ओडिसी, प्रियंका सलूजा कथक, डॉ. राखी रॉय भरतनाट्यम, पं. उदय कुमार मल्लिक शास्त्रीय गायन, देविका देवेन्द्र मंगलामुखी एवं पूजा जैन कथक पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

29 अगस्त : भरतनाट्यम और लोक रंग से सजेगा मंच
तीसरे दिन गीतिका वैष्णव का गायन, कमलेश यादव की नृत्य नाटिका, गुरू श्रीमती बाला विश्वनाथ का भरतनाट्यम, आरू साहू का छत्तीसगढ़ी लोकगीत, पं.योगेश शम्सी का तबला वादन, भवप्रीता डांस एकेडमी, सुश्री राधिका शर्मा एवं सुश्री अंजली शर्मा की कथक प्रस्तुतियां होंगी।

30 अगस्त : पद्मश्री राधेश्याम बारले अपने अनुपम पंथी नृत्य से मंच को करेंगे जीवंत
30 अगस्त को डॉ.दीप्ति राउत्रे ओडिसी, इशिका गिरी कथक, भूमिसुता मिश्रा व लिप्सा रानी बिस्वाल ओडिसी प्रस्तुत करेंगी। पद्मश्री राधेश्याम बारले अपने अनुपम पंथी नृत्य से मंच को जीवंत करेंगे। इसके साथ ही प्रो.डॉ.लवली शर्मा सितार वादन, खैरागढ़ यूनिवर्सिंटी के छात्रों द्वारा नृत्य प्रस्तुति, सुश्री शिवली देवता कथक, जनाब अनीस साबरी कव्वाली एवं श्रीमती श्वेता वर्मा कथक की शानदार प्रस्तुतियां होंगी।

31 अगस्त : भरतनाट्यम, शास्त्रीय कला और कथक की होगी प्रस्तुति
31 अगस्त को सुश्री आद्या पाण्डेय द्वारा भरतनाट्यम, सुश्री शैल्वी सहगल द्वारा कथक, एम.टी.मृन्मयी द्वारा भरतनाट्यम, डॉ.मेघा राव द्वारा गायन, डॉ.कृष्ण कुमार सिन्हा द्वारा कथक, अश्विका साव द्वारा कथक, अराध्या कुमारी सिंह द्वारा शास्त्रीय संगीत एवं सुश्री अन्विता विश्वकर्मा शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत करेंगी।

1 सितम्बर : पद्मश्री डॉ.अश्विनी भिड़े देशपांडे देंगी शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति
01 सितम्बर को डॉ.योगिता मांडलिक द्वारा कथक, सुश्री हीना दास द्वारा ओडिसी, सुश्री मुक्ता मेहर द्वारा कथक, पद्मश्री डॉ.अश्विनी भिड़े देशपांडे द्वारा शास्त्रीय संगीत, आरोही मुंशी द्वारा भरतनाट्यम, श्री भूपेन्द्र बरेठ एवं ग्रुप व सुश्री ऋत्वी अग्रवाल द्वारा कथक एवं डॉ.विपुल रॉय संतुर वादन पर प्रस्तुति देंगे।

2 सितम्बर: छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत की रहेगी धूम
02 सितम्बर को इशिता कश्यप द्वारा कथक, कुमारी काजल कौशिक द्वारा कथक, उस्ताद छोटे रहमत खान द्वारा सितार वादन, कलकक्षेत्र फाउंडेशन द्वारा भरत नाट्यम, श्री सचिन कुम्हरे द्वारा कथक, श्रीमती छाया चंद्राकर एवं ग्रुप द्वारा छ.ग.लोकसंगीत एवं  दीपक दास महंत द्वारा तबला वादन की प्रस्तुति दी जाएगी।

3 सितंबर : अबूझमाड़ के प्रसिद्ध मलखम्ब दल का होगा अद्भुत प्रदर्शन
भारत के प्रसिद्ध रियलिटी शो इंडियाज गॉट टैलेंट में प्रथम स्थान प्राप्त कर देशभर में सुर्खियां बटोरने वाले एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक नया आयाम देने वाले अबूझमाड़ का प्रसिद्ध मनोज प्रसाद का मलखम्ब दल 03 सितम्बर को अपने अद्वितीय कौशल और अनुशासन के साथ मलखम्ब की कला का जीवंत प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही देविका दीक्षित द्वारा कथक, संगीता कापसे एवं सुश्री आशिका सिंघल द्वारा कथक, अर्नब चटर्जी द्वारा गायन, श्रीमती वासंती वैष्णव द्वारा कथक,  मनोज प्रसाद द्वारा मलखम्भ प्रदर्शन, डॉ.लक्ष्मी नारायण जेना द्वारा कथक, श्रीमती अजीत कुमारी कुजूर द्वारा भरतनाट्यम एवं श्रीमती निलांगी कालान्तरे कथक की प्रस्तुति देंगी।

4 सितंबर : श्रीमती कविता वासनिक एवं ग्रुप द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकरंग की होगी प्रस्तुति
04 सितम्बर को प्रोजेक्ट दिव्य धुन द्वारा गायन प्रस्तुति, तरूण शर्मा एवं शिष्य द्वारा कथक प्रस्तुति, कु.नित्या शर्मा द्वारा कथक (लखनऊ घराना), श्रीमती कविता वासनिक एवं ग्रुप द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकरंग, कलईमामणि गुरू गोपिका वर्मा द्वारा मोहिनीअट्टम,  मोहित शास्त्री द्वारा बांसुरी वादन, डॉ.राम बोरगांवकर द्वारा तबला वादन,  मंगेश बोरगांवकर द्वारा गायन, सुश्री यामी वैष्णव द्वारा कथक एवं सुश्री युग रत्नम कथक पर अपनी प्रस्तुति देंगी।

5 सितम्बर : समापन समारोह को पद्मश्री कैलाश खेर और डॉ. नलिनी कमलिनी बनाएंगे अविस्मरणीय, मुख्यमंत्री होंगे शामिल
समापन अवसर पर 5 सितम्बर को प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित अन्य विशिष्टजन शामिल होंगे। इस दिन दिल्ली की पद्मश्री डॉ. नलिनी कमलिनी अस्थाना कथक प्रस्तुत करेंगी, जबकि देश के प्रसिद्ध गायक पद्मश्री कैलाश खेर अपनी स्वर लहरियों से समारोह को अविस्मरणीय बनाएंगे।

1 से 3 सितम्बर तक कुश्ती एवं कबड्डी खेल प्रतियोगिता
समारोह के अंतर्गत 1 से 3 सितम्बर तक मोतीमहल परिसर में कुश्ती और कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें राष्ट्रीय एवं स्थानीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। कलेक्टर ने बताया कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करने वाला आयोजन है। इसमें जहां शास्त्रीय और लोक कलाओं का अद्भुत संगम देखने मिलेगा, वहीं नए कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी प्राप्त होगा।

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