फिरोजपुर । पंजाब के फिरोजपुर से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शनिवार सुबह फाजिल्का रोड पर एक भीषण सड़क़ हादसे ने कई हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। जंगा वाले मोड़ के पास एक पिकअप गाड़ी और तेज रफ्तार घोड़ा ट्राला के बीच आमने-सामने की इतनी जोरदार भिड़ंत हुई कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। इस भयानक टक्कर में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
मिली जानकारी के मुताबिक यह हादसा उस समय हुआ जब पिकअप गाड़ी में सवार होकर कुछ लोग अपने किसी प्रियजन की अस्थियां विसर्जित करने के लिए जा रहे थे। पूरा परिवार और उनके रिश्तेदार शोक में डूबे हुए थे और धार्मिक रीति-रिवाज को पूरा करने के लिए पवित्र स्थल की ओर बढ़ रहे थे। किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में यह सफर एक बड़े हादसे में बदल जाएगा। जैसे ही उनकी पिकअप गाड़ी फाजिल्का रोड पर स्थित जंगा वाले मोड़ के करीब पहुंची, सामने से आ रहे एक भारी-भरकम घोड़ा ट्राला ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। घोड़ा ट्राला की गति बहुत तेज थी, जिसके कारण पिकअप गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह से पिचक गया। गाड़ी के परखच्चे उड़ऩे की वजह से उसमें सवार लोग अंदर ही बुरी तरह फंस गए। चारों तरफ खून ही खून बिखरा हुआ था और चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। मौके पर मौजूद राहगीरों और आसपास के दुकानदारों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया। उन्होंने अपनी गाड़िय़़ों को रोककर पीड़ित लोगों की मदद करना शुरू किया।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों ने बड़ी बहादुरी और सूझबूझ का परिचय दिया। लोगों ने क्षतिग्रस्त पिकअप गाड़ी के दरवाजों को तोड़क़र और लोहे के हिस्सों को काटकर अंदर फंसे घायलों को बाहर निकालना शुरू किया। इस दौरान राहगीरों ने तुरंत एंबुलेंस और स्थानीय पुलिस को भी दुर्घटना की सूचना दी। जब तक सरकारी मदद मौके पर पहुंचती, तब तक स्थानीय लोगों ने अपनी गाड़िय़ों और अन्य उपलब्ध साधनों की मदद से घायलों को तुरंत पास के सिविल अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया था, ताकि समय पर उनका इलाज शुरू हो सके।
इस पूरे मामले पर सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर निखिल गुप्ता ने आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में लाए गए मरीजों में से कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। उन्हें अंदरूनी चोटें आई हैं और बहुत अधिक खून बह चुका है। प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों की टीम ने बेहतर और उच्च स्तरीय इलाज के लिए कई मरीजों को गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है। बाकी बचे हुए घायलों का इलाज अभी भी सिविल अस्पताल में अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है और बारीकी से जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की एक टीम मृतकों और घायलों की सही पहचान स्थापित करने की प्रक्रिया में जुटी है, ताकि उनके घरों तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके।
इसके साथ ही पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि हादसा किस वाहन चालक की लापरवाही के कारण हुआ। क्या ट्राला चालक ने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया था या मोड़ पर दृश्यता कम होने की वजह से यह हादसा हुआ, इन सभी पहलुओं पर गहनता से जांच की जा रही है।







