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देश बिहार

पटना में ईरान के प्रतिनिधि ने की ‘भारतीय कूटनीति’ की तारीफ, कहा- ईरान युद्ध नहीं चाहता, अमेरिका-इजरायल को बताया दोषी

बिहार/पटना। ईरान-इजराइल युद्ध के बीच ट्रंप के ताजा बयान से पूरी दुनिया में हलचल मची हुई है। इस बीच बिहार के बिहार पहुंचे भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान में युद्ध शुरू करना अमेरिका की एक बड़ी गलती थी, जिसके दूरगामी परिणाम हुए हैं।

उन्होंने दुनिया के नेताओं से एक साथ आने और अमेरिकी राष्ट्रपति (POTUS) से युद्ध रोकने की अपील करने का भी आग्रह किया। ट्रंप के हालिया तीखे बयान के बारे में पूछे जाने पर, अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने ANI से कहा कि हर इंसान जिस भाषा का इस्तेमाल करता है, वह उसके व्यक्तित्व, उसकी इंसानियत और उसकी नैतिकता की अभिव्यक्ति होती है। इसलिए, जो कोई भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है, इसका मतलब है कि यही उसका व्यक्तित्व है। कई अमेरिकी सीनेटरों ने भी ऐसी भाषा के इस्तेमाल से इनकार किया है।”

ट्रंप ने ऐसा क्या कहा? :  इलाही की यह टिप्पणी तब आई जब ट्रंप ने आज पहले ईरान को एक कड़ी चेतावनी जारी की थी, जिसमें उन्होंने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का आग्रह किया। ऐसा न करने पर गंभीर परिणामों की धमकी भी दी।

ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कठोर भाषा का इस्तेमाल किया करते हुए तेहरान को ‘समझौता करने’ या ‘जलडमरूमध्य खोलने’ की अपनी समय सीमा की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि मंगलवार वह दिन होगा जब वाशिंगटन ईरान के सभी ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से तबाह कर देगा।

उन्होंने लिखा, “मंगलवार ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ होगा। ईरान में सब कुछ एक ही दिन में होगा। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा! उस कमबख्त जलडमरूमध्य को खोलो, तुम पागल कमीनों, वरना तुम नरक में रहोगे। बस देखते जाओ! अल्लाह की जय हो,”

इलाही की दुनिया से आगे आने की अपील :  इलाही ने आगे बताया कि युद्ध के कारण, दुनिया के सभी हिस्सों के लोग पीड़ित हैं। इसे एक ‘बड़ी गलती’ बताते हुए, उन्होंने कहा कि शुरू से ही यह युद्ध एक बहुत बड़ी गलती थी। यह सिर्फ ईरान के खिलाफ युद्ध नहीं था, बल्कि यह युद्ध सभी इंसानों के खिलाफ है, यह पूरी दुनिया के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि इस युद्ध का परिणाम ये है कि इस समय अलग-अलग देशों में बहुत से लोग पीड़ित हैं। इस युद्ध को शुरू करना एक बहुत ही गलत और बड़ी गलती थी।

इलाही ने आगे कहा कि दुनिया को एक साथ मिलकर अमेरिका से युद्ध रोकने की अपील करनी चाहिए, क्योंकि अलग-अलग मोर्चों पर लोगों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा, “सभी देश इस युद्ध को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि अब यह युद्ध बहुत से लोगों की जिंदगी पर असर डाल रहा है। गैस, तेल और शिपिंग की कीमतें बढ़ गई हैं। इसलिए मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी और अहम है कि दुनिया के नेता एक साथ आएं और राष्ट्रपति ट्रंप से इस युद्ध को रोकने के लिए कहें।”

भारत की डिप्लोमेसी की तारीफ :  उन्होंने भारतीय कूटनीति की भी तारीफ की और कहा कि नई दिल्ली इस मामले में और भी अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा, “भारतीय कूटनीति बहुत अच्छी है और वे इस मामले में और भी ज़्यादा भूमिका निभा सकते हैं।” उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को अब दूसरा महीना शुरू हो चुका है।

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