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फलता विधानसभा में मतगणना शुरू, चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा, पहले राउंड में भाजपा आगे

पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में हुए पुनर्मतदान के वोटों की गिनती आज रविवार सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के बेहद कड़े और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दक्षिण 24 परगना जिले की इस हाई-प्रोफाइल सीट पर शांतिपूर्ण तरीके से मतों की गिनती आगे बढ़ रही है।

फलता में पहले राउंड की गिनती पूरी हो चुी है। इसके बाद भाजपा कैंडिडेट ने यहां शानदार बढ़त बना ली है। भाजपा के देवांगशू पांडा 9000 से अधिक मतों से आगे चल रहे हैं।

ईवीएम से छेड़छाड़ के बाद हुआ था ऐतिहासिक फैसला :  बता दें कि बीते 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के दौरान इस सीट पर मतदान हुआ था। उस समय ईवीएम में हेरफेर और गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। भारी हंगामे के बाद निर्वाचन आयोग ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए फलता विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 बूथों पर मतदान रद्द कर दिया था। इसके बाद बीते 21 मई को पूरी सीट पर दोबारा मतदान कराने का आदेश जारी किया गया था।

21 मई को हुए पुनर्मतदान में मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाया। क्षेत्र के कुल 2.36 लाख मतदाताओं में से 87 प्रतिशत से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पुनर्मतदान को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था दोगुनी कर दी थी। पूरे निर्वाचन क्षेत्र में केंद्रीय बलों की करीब 35 कंपनियां तैनात की गई थीं, जिससे मतदान प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हुई।

टीएमसी उम्मीदवार ने छोड़ा मैदान :  इस सीट पर चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प और नाटकीय रहा। हालांकि आधिकारिक तौर पर मैदान में छह उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, लेकिन ऐन वक्त पर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने पुनर्मतदान से महज दो दिन पहले अचानक घोषणा कर दी कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि टीएमसी ने इसे जहांगीर खान का व्यक्तिगत फैसला बताया, लेकिन इस कदम ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी।

इत्र और टेप कांड से सुर्खियों में आई थी सीट : 29 अप्रैल को मतदान के दौरान फलता सीट पर भारी तनाव व्याप्त हो गया था। कई बूथों से ऐसी शिकायतें आई थीं कि ईवीएम मशीनों पर इत्र जैसी कोई चीज और चिपचिपे टेप लगाए गए थे। इसके बाद जब चुनाव अधिकारियों ने मामले की गहन जांच की, तो पता चला कि कई पोलिंग बूथों पर वेब कैमरों के फुटेज के साथ भी छेड़छाड़ की कोशिश की गई थी। इस मामले में बूथ स्तर के अधिकारियों, पीठासीन अधिकारियों, मतदान कर्मियों और चुनाव पर्यवेक्षकों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने सभी बूथों पर दोबारा वोटिंग का फैसला किया था।

सुरक्षा के बीच जारी मतगणना :  निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के मुताबिक मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के बेहद सख्त इंतजाम किए गए हैं। पूरे इलाके में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है ताकि मतगणना प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।

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