अमृतसर। पंजाब में बीजेपी प्रमुख सुनील जाखड़ के गृह नगर में, लगभग 50 पुराने सदस्यों ने पार्टी छोड़ऩे की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनावों के लिए टिकटों के गलत बंटवारे से उन्हें ठेस पहुंची है। अरोरवंश भवन में हुई एक बैठक के दौरान, पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष स्वर्गीय सतीश नारंग और पूर्व पार्षद सुवर्षा नारंग के बेटे डॉ. ऋषि नारंग ने कार्यकर्ताओं का नेतृत्व करते हुए बीजेपी छोड़ दी।
बैठक में पार्टी के पूर्व जिला स्तरीय नेता रवि सेतिया, अशोक छाबड़ा के अलावा सिकंदर कपूर और डॉ. विशाल तनेजा भी मौजूद थे। डॉ. नारंग और सेतिया ने कहा कि उन्हें बीजेपी की विचारधारा से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन वे प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और स्थानीय विधायक संदीप जाखड़ के काम करने के तरीके से नाराज़ हैं। नारंग ने बताया कि उनके परदादा बूटा राम नारंग 1923 में नगर पंचायत के सदस्य चुने गए थे, और तब से उनके परिवार के सदस्य स्थानीय निकाय चुनाव लड़ते आ रहे हैं। हालांकि, इस बार नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया।
नाराज़ सदस्यों ने कहा कि वे फिलहाल किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे, लेकिन इस बारे में बाद में फैसला लेंगे। बीजेपी के प्रदेश सचिवों में से एक और नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष शिवराज गोयल ने भी पहले इस मुद्दे पर अपनी नाराजग़ी ज़ाहिर की थी, लेकिन उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी।







