जबलपुर। खितौला बैंक डकैती मामले में पुलिस ने बिहार गिरोह से जुड़े 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी सागर जिले के देवरी क्षेत्र से पकड़े गए। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी ने बैंक डकैती के पहले और बाद में गिरोह को मोटरसाइकिल से भगाने में मदद की थी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह ने बताया कि 11 अगस्त की सुबह करीब 8:50 बजे खितौला थाना क्षेत्र स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में तीन युवक हेलमेट पहनकर दाखिल हुए और पिस्टल की नोक पर 20 मिनट में डकैती को अंजाम दिया। बैंक के बाहर उनके दो साथी मोटरसाइकिल पर इंतजार कर रहे थे। वारदात के बाद आरोपी बैंक से 15 किलो सोना और 5 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए।
जांच में पता चला कि पाटन निवासी रईस सिंह लोधी पहले छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जेल में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के मामले में बंद था। वहीं उसकी मुलाकात बिहार गिरोह के सदस्यों से हुई। जेल में ही दोनों ने बैंक डकैती की योजना बनाई।
गिरोह का मास्टरमाइंड राजेश दास उर्फ आकाश दास (38 वर्ष) 18 जून को रायगढ़ जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। योजना के तहत वह अपने पांच साथियों के साथ जबलपुर आया और डकैती को अंजाम दिया।
अब तक पुलिस ने रईस सिंह लोधी, हेमराज, सोनू वर्मन और दमोह निवासी विकास चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा मास्टरमाइंड राजेश दास, उसके सहयोगी इंद्रजीत दास उर्फ सागर दास (जिला गया), जहांगीर आलम अंसारी (48 वर्ष, गया), गोलू उर्फ रविकांत पासवान (24 वर्ष, बेलखेड़ा, गया), उमेश पासवान (31 वर्ष, पांडेयपुरा, चतरा, झारखंड) और हरिओम ज्वेलर्स के संचालक हरि प्रसाद सोनी (बिहार) को भी गिरफ्तार किया गया है।
डकैती से पहले और बाद में मोटरसाइकिल की व्यवस्था करने तथा फरार होने में मदद करने वाला आरोपी बबलू उर्फ बाबू सिंह लोधी, पिता शिवराज सिंह लोधी, निवासी उडना करैया, पाटन, को सागर जिले के देवरी से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके पास से 40 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। अब तक पुलिस केवल 3 किलो 400 ग्राम सोना ही बरामद कर पाई है। बाकी सोने की तलाश जारी है।







