मध्यप्रदेश/ सिवनी। सिवनी जिले में एक सिरफिरे आशिक ने अपने ही दो भांजों की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी है। आरोपी भोजराम बेलवंशी को महिला से एकतरफा प्रेम था और उसके मंसूबों में बच्चे बाधा बन रहे थे। पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए भोजराम और उसके साथी शुभम उर्फ यश को गिरफ्तार कर लिया है।
15 जुलाई से थे लापता, जंगल में मिले शव- महावीर व्यायामशाला के पास रहने वाली पूजा ढाकरिया ने 16 जुलाई को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके दो बेटे मयंक (9) और दिव्यांश (6) 15 जुलाई की शाम से लापता हैं। पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया और 17 जुलाई को दोनों के शव करीब 13 किमी दूर अंबा माई के जंगल में बरामद किए। शवों को पत्थरों से ढंककर छिपाने की कोशिश की गई थी।
पुलिस को इस मामले में अहम सुराग एक ऑटो चालक से मिला, जिसने बताया कि एक युवक दोनों बच्चों को लेकर ऑटो में बैठा था और उन्हें आइरिश स्कूल के पास उतारा था। बच्चों ने उस युवक को “मौसा” कहकर पुकारा था। इसी बयान से पुलिस की शक की सुई भोजराम बेलवंशी पर जाकर टिक गई।
साइकिल दिलाने का झांसा देकर ले गया जंगल – जांच में सामने आया कि भोजराम ने बच्चों को साइकिल दिलाने का झांसा दिया। वह उन्हें ऑटो में जनता नगर चौक तक लाया, जहां उसका साथी शुभम बाइक लेकर पहले से मौजूद था। वहां से चारों आमागढ़ होते हुए अंबा माई के जंगल पहुंचे। जंगल में दोनों बच्चों की गला रेतकर हत्या कर दी गई।
पुलिस के अनुसार पूजा ढाकरिया तीन साल पहले पति से अलग होकर बच्चों के साथ सिवनी में रह रही थी। भोजराम पूजा से एकतरफा प्रेम करता था और अक्सर उसके घर आता-जाता था, लेकिन पूजा बच्चों को लेकर काफी सतर्क रहती थी, जिससे भोजराम को अपने मंसूबों में बाधा महसूस हो रही थी। इसी के चलते उसने दोनों बच्चों को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
एसपी सुनील कुमार मेहता ने बताया कि भोजराम और शुभम को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू और मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। इस हृदय विदारक घटना से पूरे सिवनी शहर में गुस्सा और शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने बच्चों को श्रद्धांजलि देते हुए आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है।







