कोरबा। थाना सिविल लाइन रामपुर पुलिस को 20 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि मानस नगर क्षेत्र में रहने वाला एक विधि से संघर्षरत बालक खिलौना बेचने का काम करता है तथा उसके पास 200 के जाली नोट रखे हुए हैं, जिन्हें वह बाजार में खपाने का प्रयास कर रहा है। सूचना पर पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए विधि से संघर्षरत बालक को सुभाष चौक के पास से पकड़ा गया।
पूछताछ के दौरान विधि से संघर्षरत बालक ने बताया कि उसे अभिषेक शर्मा उर्फ सिक्कू, निवासी मानस नगर, चौकी सीएसईबी, जिला कोरबा द्वारा 200 के जाली नोट दिए गए थे। विधि से संघर्षरत बालक द्वारा एक जाली नोट चलाने का प्रयास किया गया था, जबकि उसके पास शेष 15 नग 200 के जाली नोट रखे हुए थे।
विधि से संघर्षरत बालक से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस द्वारा अभिषेक शर्मा उर्फ सिक्कू के संबंध में पतासाजी कर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी द्वारा जाली नोट उपलब्ध कराने की बात सामने आई।
3,000 के जाली नोट एवं घटना में प्रयुक्त प्रिंटर बरामद
पुलिस द्वारा विधि से संघर्षरत बालक के कब्जे से ₹200 के 15 नग जाली नोट, कुल राशि ₹3,000/- बरामद कर विधिवत जब्त किए गए। बरामद जाली नोटों की गवाहों के समक्ष पहचान एवं पंचनामा कार्रवाई की गई। प्रकरण की विवेचना के दौरान आरोपी अभिषेक शर्मा उर्फ सिक्कू के कब्जे/निशानदेही से घटना में प्रयुक्त प्रिंटर भी गवाहों के समक्ष विधिवत जब्त किया गया। बरामद जाली नोटों एवं प्रिंटर को प्रकरण में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया है।
प्रकरण में आरोपी अभिषेक शर्मा उर्फ सिक्कू, पिता रघु शर्मा, उम्र 24 वर्ष, निवासी हनुमान मंदिर के पास, मानस नगर, चौकी सीएसईबी को दिनांक 20.10.2026 को शाम 04:40 बजे गिरफ्तार किया गया। आरोपी के विरुद्ध प्रकरण में विधिवत कार्रवाई करते हुए धारा 179, 180 एवं 3(5) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिनांक 02.11.2026 तक न्यायिक रिमांड प्राप्त की गई है।
विधि से संघर्षरत बालक के संबंध में उसकी पहचान एवं व्यक्तिगत विवरण को गोपनीय रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई तथा उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कोरबा पुलिस द्वारा जाली नोटों के प्रचलन एवं इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
YouTube में वीडियो देखकर नकली नोट छापने का सीखा तरीका : शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर YouTube में वीडियो देखकर नकली नोट छापने का तरीका सीखा था। पुलिस पूछताछ से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर YouTube पर वीडियो देखकर 200 रुपये के नोट की नकल तैयार करना सीखा। इसके बाद साधारण कागज पर नोटों की प्रिंटिंग की गई। बताया जा रहा है कि छापे गए नोटों पर एक ही सीरियल नंबर का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस इस पूरे तरीके और बरामद नोटों की जांच कर रही है।







