आइची नागोया। एशियाई पैरा खेलों में भारत अब तक 7 स्वर्ण, 10 रजत और 13 कांस्य सहित कुल 30 पदक जीत चुका है। पैरा एथलेटिक्स 15 पदकों के साथ भारत का सबसे सफल खेल है। निशानेबाजी में भारत ने एक स्वर्ण सहित चार पदक जीते हैं, जबकि पैरा टेबल टेनिस में पांचों पदक कांस्य रहे हैं। भारत फिलहाल पदक तालिका में छठे स्थान पर है।
| खेल | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
|---|---|---|---|---|
| पैरा एथलेटिक्स | 6 | 5 | 4 | 15 |
| पैरा जूडो | 0 | 1 | 1 | 2 |
| पैरा पावरलिफ्टिंग | 0 | 1 | 0 | 1 |
| पैरा तैराकी | 0 | 1 | 2 | 3 |
| पैरा टेबल टेनिस | 0 | 0 | 5 | 5 |
| पैरा निशानेबाजी | 1 | 2 | 1 | 4 |
| कुल | 7 | 10 | 13 | 30 |
सिमरन ने 200 मीटर में जीता स्वर्ण, एशियाई पैरा खेलों का रिकॉर्ड तोड़ा
भारत की सिमरन ने महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 24.80 सेकंड का समय निकालकर एशियाई पैरा खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। भारत की तेजलबेन डामोर ने भी इस स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया।
ईरान की हाजर सफरजादेह ने 25.02 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता, जबकि तेजलबेन डामोर 25.23 सेकंड में दौड़ पूरी करके तीसरे स्थान पर रहीं। इस तरह भारत ने स्पर्धा में स्वर्ण और कांस्य दोनों पदक हासिल किए।
सिमरन ने रिकॉर्ड प्रदर्शन से जीता स्वर्ण
सिमरन ने फाइनल में शुरुआत से ही दमदार प्रदर्शन किया और 24.80 सेकंड में दौड़ पूरी करके पहला स्थान हासिल किया। उनका यह समय एशियाई पैरा खेलों का नया रिकॉर्ड बना। दिलचस्प बात यह है कि हाजर सफरजादेह के नाम भी इसी फाइनल में 24.80 सेकंड का पिछला एशियाई पैरा खेल रिकॉर्ड दर्ज था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सिमरन पहले ही 24.46 सेकंड के समय के साथ एशियाई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी थीं। चीन की याकिन शेन 26.49 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
भारत को एक ही स्पर्धा में दो पदक
सिमरन के स्वर्ण और तेजलबेन डामोर के कांस्य पदक ने भारत को इस स्पर्धा में दोहरी सफलता दिलाई। सिमरन ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि डामोर ने भी पोडियम पर जगह बनाकर देश का मान बढ़ाया।
प्रणव सूरमा ने डिस्कस थ्रो में जीता स्वर्ण, राम रतन सिंह को रजत
भारत के प्रणव सूरमा ने एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की डिस्कस थ्रो एफ51/52/53 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। वहीं, भारत के ही राम रतन सिंह ने रजत पदक अपने नाम किया। इस तरह भारतीय खिलाड़ियों ने स्पर्धा में पहले और दूसरे स्थान पर कब्जा जमाकर देश को दोहरी सफलता दिलाई।







