कोरबा। अडाणी पावर लिमिटेड के 2×660 मेगावॉट यानी 1320 मेगावॉट विस्तार प्रस्ताव पर कल जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। जिला प्रशासन और राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की निगरानी में होने वाली इस सुनवाई में परियोजना के पर्यावरणीय पहलुओं पर आपत्तियाँ और सुझाव दर्ज किए जाएंगे।
सबसे बड़ा सवाल पानी को लेकर उठ रहा है। ड्राफ्ट ईआईए के अनुसार विस्तार के लिए पानी का मुख्य स्रोत हसदेव नदी को बताया गया है। परियोजना के पूर्ण संचालन पर बड़ी मात्रा में औद्योगिक पानी की जरूरत होगी, जिसमें कूलिंग टॉवर, बॉयलर और राख प्रबंधन शामिल हैं।
क्यों बढ़ सकता है विवाद : हसदेव पहले से ही औद्योगिक और तापीय संयंत्रों के दबाव में है। सिंचाई और पेयजल आपूर्ति पर असर को लेकर ग्रामीणों में चिंता है। गर्म पानी के डिस्चार्ज और फ्लाई ऐश प्रबंधन को लेकर पर्यावरणीय सवाल उठ रहे हैं।







