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कोरबा छत्तीसगढ़

कोसगाई मंदिर का जीर्णोद्धार कर पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल

कोरबा। कोसगाई मंदिर (पोंडीखोह, कोरबा) के जीर्णोद्धार एवं आवश्यक सुविधाओं की मांग कलेक्टर से की गई है।

कलेक्टर को प्रेषित आवेदन में उल्लेख है कि कोसगाई मंदिर, पोंडीखोह कोरबा एक प्राचीन एवं पवित्र धार्मिक स्थल है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन हेतु आते हैं, किंतु वर्तमान में मंदिर परिसर की स्थिति अत्यंत जर्जर एवं चिंताजनक हो चुकी है। मंदिर की सीढ़ियों के दोनों किनारों में लगी रेलिंग एवं पिलर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं तथा उनमें से लोहे की छड़ें बाहर निकल आई हैं, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। वर्षा ऋतु में सीढ़ियों का हिस्सा बह जाने से मंदिर तक पहुंचना कठिन एवं जोखिमपूर्ण हो जाता है।

मंदिर मार्ग पर स्थापित प्रकाश पोल पूरी तरह खराब हैं, जिसके कारण रात्रि के समय परिसर पूर्ण अंधकारमय रहता है। मुख्य मंदिर के समक्ष श्रद्धालुओं के बैठने हेतु बना शेड भी क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे वर्षा एवं धूप की वजह से श्रद्धालुओं को पूजन अर्चन में असुविधा होती है। पेयजल, प्रकाश और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव भी श्रद्धालुओं के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है।

क्या हैं प्रमुख मांगे :-

1.मंदिर परिसर का तत्काल जीर्णोद्धार एवं मरम्मत कार्य कराया जाए।
2.सीढ़ियों के ऊपर स्थायी शेड का निर्माण किया जाए।
3.नए प्रकाश पोल एवं कार्यशील प्रकाश व्यवस्था स्थापित की जाए।
4.पेयजल एवं स्वच्छता की स्थायी सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
5.कोसगाई मंदिर को जिला स्तरीय धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में चिन्हाकित किया जाए।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित होगी तथा यह स्थल कोरबा जिले के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास का प्रमुख केंद्र बन सकेगा। स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होंगे। निवेदन है कि कृपया इस विषय पर शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें।

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