जयपुर । स्वतंत्रता दिवस से पहले राजस्थान में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) बड़ी कार्रवाई कर जालंधर में ग्रेनेड धमाके करने वाले बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी जयपुर और टोंक जिले से हुई है। गिफ्तार छह आरोपियों में तीन नाबालिग भी हैं। बदमाशों के संबंध लारेंस गैंग से बताए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि सात जुलाई 2025 को नवाशहर जालन्धर में दहशत फैलाकर अवैध वसूली हेतु लॉरेन्स विश्नोई गैंग के गुर्गों ने शराब की दुकान के सामने ग्रेनेड धमाका कर संगीन वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए थे। एडीजी क्राइम दिनेश एम.एन. ने बताया कि ग्रेनेड धमाके के मामले में राजस्थान पुलिस को पंजाब पुलिस ने अलर्ट भेजा था। पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी जो 15 अगस्त को दिल्ली-एमपी में धमाका करने की फिराक में थे।
गिरफ्तार बदमाशों को पंजाब पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। इन बदमाशों ने सात जुलाई 2025 को जालंधर में एक शराब कारोबारी की दुकान के सामने ग्रेनेड धमाका कर दहशत फैला दी थी। ये लोग लॉरेंस गैंग के लिए पिछले काफी समय से काम कर रहे थे।
एडीजी क्राइम दिनेश एमएन के अनुसार ग्रेनेड धमाके के मामले में राजस्थान पुलिस को पंजाब पुलिस ने अलर्ट भेजा था। इसके बाद एजीटीएफ के एडिशनल एसपी सिद्धांत शर्मा के सुपरवीजन ने पूरी टीम संदिग्धों की तलाश में लग गई थी। जयपुर रेंज और अजमेर रेंज में सर्च किया गया। टीम ने जयपुर सिटी व टोंक के आपराधिक क्षेत्रों में बदमाशों के सम्बन्ध में सूचना एकत्रित की। इस दौरान कुल छह लोगों की पहचान की गई, जिन्हें गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार बदमाशों में जितेन्द्र चौधरी निवासी आकोडिया पुलिस थाना निवाई जिला टोंक, संजय पुत्र बुद्धराम निवासी नौरंगदेसर पुलिस थाना शेरगढ़ जिला हनुमानगढ़, सोनू उर्फ काली निवासी आलमगीर कपूरथला पंजाब शामिल हैं। इनके अलावा तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ पर पता चला है कि ये लोग लॉरेन्स विश्नोई गैंग से जुडे हुए हैं, जिनका हैंडलर जिशान अख्तर है, जो कनाडा में रहता है। जिशान ने मुम्बई में बाबा सिद्धीकी की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। जिशान अख्तर व पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, मनु अगवान व गोपी नवाशहरिया पंजाब आपस में जुडे हुए हैं, जो देश के विभिन्न क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों व स्थानीय युवाओं को रुपयों का लालच देकर सम्पर्क कर घटना को अंजाम देते हैं।
जिशान अख्तर से आरोपी इन्स्टाग्राम एवं अन्य ऑनलाइन एप से जुड़े हुए हैं। जिशान अख्तर ने ही आरोपियों को ग्रेनेड उपलब्ध करवाया था, जिसे आरोपियों ने नवाशहर जालन्धर पंजाब में ब्लास्ट कर दहशत फैलाई थी। ब्लॉस्ट के बाद आरोपी राजस्थान आ गए थे। जिशान अख्तर ही आरोपियों को ऑनलाइन एप द्वारा निर्देश देता था। उसने आरोपियों को स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के लगभग दिल्ली और ग्वालियर, मध्य प्रदेश में धमाका कर बड़ी वारदात करने की जिम्मेदारी दे रखी थी।







