शरीर के लगभग सभी अंग प्रोटीन से बने होते हैं. प्रोटीन ही शरीर में कोशिकाओं की टूट-फूट की मरम्मत करता है. प्रोटीन के कारण शरीर में कई जरूरी एंजाइम और हार्मोन बनते हैं. जीवन को सही तरह से चलाने के लिए 10 हजार तरह के प्रोटीन शरीर में मौजूद होते हैं. इतना महत्वपूर्ण होने के कारण प्रोटीन की कमी शरीर में भारी पड़ सकती है. इसकी कमी से शरीर का पूर्जा-पूर्जा हिल सकता है. प्रोटीन की कमी से क्वाशियोरकर, मरास्मस, एडिमा जैसी बीमारियां होती है. इसके साथ ही प्रोटीन की कमी से इम्यून सिस्टम बहुत अधिक कमजोर हो जाता है और बोन फ्रेक्चर का खतरा बढ़ जाता है.
हर दिन हमें अपने भोजन में कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा प्रोटीन लेना चाहिए. लेकिन भारत में लोग प्रोटीन का सेवन बहुत कम करते हैं. मायो क्लिनिक के मुताबिक हमें रोजाना 60 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है. इससे कम का सेवन करने पर हमें कई तरह की बीमारियां लग सकती है.
प्रोटीन की कमी से बीमारियां
1. एडिमा-हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक स्किन में सूजन या पफी जैसा दिखना एडिमा के लक्षण है. एडिमा क्वाशियोरकर के कारण भी हो सकता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि मानव शरीर में जब सीरम एल्बूमिन की कमी हो जाती है तब यह बीमारी होती है. सीरम एल्बूमिन का अधिकांश भाग प्रोटीन से बना होता है और यह खून में मौजूद रहता है. एल्बूमिन का मुख्य काम टिशू में ज्यादा फ्लूड होने से बचाना है. जब एडिमा हो जाता है तो टिशू में फ्लूड जमा होने लगता है जिसके कारण सूजन होती है.
2. क्वाशियोरकर-प्रोटीन की कमी हो जाए क्वाशियोरकर की घातक बीमारी हो सकती है. इसे कुपोषण की बीमारी भी कहते हैं. इसमें वजन बहुत कम हो जाता है और हड्डियां तक दिखने लगती है. शरीर में अपंगता आने लगती है. स्किन से पिग्मेंटेशन खत्म होने लगता है. कम उम्र के बच्चों में यह बीमारी ज्यादा होती है. गरीबी के कारण यह बीमारी आम है.
3.मरास्मस-क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक मरास्मस बहुत ही घातक बीमारी है. इसमें लोग सूखकर कांटे की तरह दिखने लगते हैं. इस बीमारी में लगभग हर चीज की कमी हो जाती है. मरास्मस में भी क्वाशियोरकर के तरह ही लक्षण दिखते हैं लेकिन मरास्मस में सभी माइक्रो न्यूट्रेंट की कमी हो जाती है जबकि क्वाशियोरकर में सिर्फ प्रोटीन की कमी होती है. इस बीमारी में सिर बड़ा हो जाता है और चीजें छोटी हो जाती है. चेहरा बूढ़ा दिखने लगता है. बाल और नाखून झड़ने लगते हैं. बीएमआई 16 से कम हो जाता है.
4.कमजोर इम्यूनिटी-प्रोटीन की कमी होने पर इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होने लगता है जिसके कारण कई तरह के इंफेक्शन शरीर में लगने लगते हैं. पबमेड सेंट्रल जर्नल के मुताबिक एक अध्ययन में पाया गया कि जब चूहों में प्रोटीन की कमी हो जाती है तो उसमें इंफ्लूएंजा का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
5.बोन फ्रेक्चर-प्रोटीन की कमी से मसल्स भी कमजोर हो जाते हैं और हड्डियां भी कमजोर हो जाती है. इसलिए हमेशा बोन फ्रेक्चर का डर रहता है.
इन फूड से करें प्रोटीन की भरपाई
सी फूड, मीट, अंडा, बींस, दालें, ड्राई फ्रूट, बीज, सोया प्रोडक्ट्स में ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है. इसके अलावा डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दूध, चीज, छाछ में भी पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होता है. वहीं साबुत अनाज और सब्जियों में भरपूर मात्रा में प्रोटीन मिलता है.
प्रोटीन की कमी के लक्षण
प्रोटीन की कमी से मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. इससे कमजोरी, थकान, मूड स्विंग, बार-बार बीमारी जैसी समस्या दिखने लगती है. इसके अलावा कहीं भी सूजन होने लगती है जो जल्दी भरती नहीं. बार-बार भूख लगती है. कोई घाव निकल जाए तो जल्दी नहीं भरता.







