हीमोग्लोबिन खून का एक अहम हिस्सा है जो शरीर के हर अंग तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। इसकी कमी होने पर थकान, चक्कर आना, सांस फूलना और कमजोरी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में इस परेशानी के लिए चुकंदर का जूस सबसे ज्यादा लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई चुकंदर का जूस हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है और इसे सही तरीके से कैसे पीना चाहिए।
क्या है पीने का सही समय?
चुकंदर का जूस पीने का सही समय सुबह खाली पेट माना जाता है। इस समय शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित करता है। अगर खाली पेट जूस पीना भारी लगता है तो इसे नाश्ते के एक घंटे बाद भी लिया जा सकता है। बेहतर स्वाद और पाचन के लिए इसमें थोड़ा सा नींबू का रस या गाजर मिलाया जा सकता है, जिससे आयरन का अवशोषण और बेहतर हो जाता है।
एक दिन में कितना पीना चाहिए?
मात्रा की बात करें तो रोजाना 150 से 200 मिली चुकंदर का जूस पर्याप्त होता है। इससे ज्यादा मात्रा में जूस पीने से पेट में गैस, एसिडिटी या ब्लड प्रेशर में गिरावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए “ज्यादा पीना ज्यादा फायदा” वाली सोच से बचना जरूरी है।
कितने दिन तक सेवन करना चाहिए?
हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए चुकंदर का जूस कम से कम 3 से 4 हफ्तों तक नियमित रूप से पीना चाहिए। आमतौर पर इतने समय में खून की रिपोर्ट में हल्का सुधार दिखने लगता है। हालांकि गंभीर एनीमिया में सिर्फ चुकंदर के जूस पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और डॉक्टर द्वारा बताई गई आयरन सप्लीमेंट्स लेना जरूरी होता है।
इन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
कुछ लोगों को चुकंदर का जूस सावधानी से पीना चाहिए। लो ब्लड प्रेशर, किडनी स्टोन की समस्या या शुगर के मरीज इसे नियमित रूप से शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें। इसके अलावा गर्भवती महिलाएं भी मात्रा और अवधि को लेकर विशेषज्ञ से परामर्श करें।







