नई दिल्ली। भारत को खेलों की महाशक्ति बनाने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज मंगलवार को राष्ट्रीय खेल नीति (NSP) 2025 को मंजूरी दे दी है। यह देश के खेल परिदृश्य को नया आकार देने और खेलों के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक पहल है। नई खेल नीति मौजूदा राष्ट्रीय खेल नीति 2001 का स्थान लेगी। ये भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने तथा 2036 ओलंपिक खेलों सहित अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में उत्कृष्टता के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करने के लिए एक दूरदर्शी और रणनीतिक रोडमैप प्रस्तुत करेगी।
खेल को जन आंदोलन बनाना उद्देश्य’- केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को एक व्यापक खेलो भारत नीति, 2025 को मंजूरी दे दी है जिसका लक्ष्य 2047 तक भारत को शीर्ष पांच खेल राष्ट्रों में से एक बनाना है। मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों पर काफी ध्यान दिया है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभा को आगे लाने के लिए ज्यादा ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि नई नीति इसी प्रयास का हिस्सा है। मंत्री ने साथ ही कहा कि इसका दूसरा मुख्य उद्देश्य खेल को जन आंदोलन बनाना है।
साथ ही फिटनेस को जन आंदोलन बनाने के लिए नीति में देशभर में अभियान चलाने, स्कूलों और कार्यस्थलों में फिटनेस सूचकांक लागू करने और खेल सुविधाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार खेलों को स्कूल शिक्षा से जोड़ा जाएगा और शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। NSP 2025 में एक मजबूत क्रियान्वयन ढांचा भी होगा जिसमें प्रदर्शन के लिए तय मापदंड और समयसीमा शामिल होंगी। राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों को इस नीति के अनुसार अपनी खेल नीतियां तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ‘संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण’ के तहत विभिन्न मंत्रालयों और योजनाओं को खेलों के साथ जोड़ा जाएगा। यह नीति भारत को न केवल खेलों में वैश्विक शक्ति बनाने में मदद करेगी, बल्कि फिट, समावेशी और सशक्त नागरिकों का निर्माण भी करेगी।







