नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पहली सरकार बनने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी की विपक्षी एकता की अपील को कांग्रेस और वाम दलों ने सिरे से खारिज कर दिया है। रविवार को कांग्रेस और विभिन्न वामपंथी दलों ने साफ कहा कि वे टीएमसी के साथ किसी भी तरह का राजनीतिक गठबंधन नहीं करेंगे।
ममता ने की थी विपक्षी एकजुटता की अपील
शनिवार को बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ पांच अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। इसी दौरान ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश जारी कर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी के खिलाफ सभी विपक्षी दलों को एकजुट होने की अपील की थी।
ममता ने कहा था, “मैं बंगाल के सभी विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और एनजीओ से बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने की अपील करती हूं। राष्ट्रीय दलों के साथ-साथ मैं वामपंथी और अति-वामपंथी दलों से भी बंगाल और दिल्ली में साथ आने का आग्रह करती हूं। अगर कोई राजनीतिक दल मुझसे बात करना चाहता है, तो मैं उपलब्ध हूं। हमें याद रखना चाहिए कि हमारा पहला दुश्मन बीजेपी है।”







