नईदिल्ली । पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं। राज्य में उतना ही बवाल मचता दिखाई दे रहा है। प्रवर्तन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट याचिका दायर कर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ईडी ने राजनीतिक परामर्श संस्था आइ-पैक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार और कोलकाता के पुलिस आयुक्त (सीपी) मनोज वर्मा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।
ईडी ने आरोप लगाया है कि आई-पैक के खिलाफ जारी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान राज्य के बड़े अधिकारियों ने रेड में बाधा डालने का काम किया। इसके साथ ही ईडी ने कहा कि राज्य मशीनरी ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की और उसे नष्ट भी किया। ईडी ने याचिका में कहा कि कानून के पहरेदार ही अपराध में भागीदार बन गए।
गौरतलब है कि ईडी ने कोयला तस्करी मामले में गत गुरुवार को कोलकाता में आई-पैक के कार्यालय और इसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी कर तलाशी अभियान चलाया था। ईडी ने आरोप लगाया है कि जब आई-पैक के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी चल रही थी, तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी और पुलिस कमिश्नर भारी पुलिस बल के साथ जबरन अंदर घुस आए। जांच अधिकारियों को डराया-धमकाया गया। उन्हें बंधक बनाया गया और उनके पास से महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क व लैपटाप छीन लिए गए। एजेंसी ने इसे जांच को प्रभावित करने का सुनियोजित प्रयास बताया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में ईडी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच करने के जांच एजेंसी के अधिकार को राज्य के अफसरों ने रुकावट डालने का काम किया। ईडी ने इसके लिए सीबीआई जांच की भी मांग की है।







