नई दिल्ली। पेट्रोलियम मंत्रालय ने पीएनजी (PNG) ग्राहकों के लिए एलपीजी (LPG) सिलेंडर के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। नए नियमों के तहत अब पाइप वाली गैस के उपभोक्ता न तो नया सिलेंडर ले पाएंगे और न ही रिफिल करा सकेंगे। सरकार का यह कदम इस मुश्किल वक्त में संसाधनों के सही इस्तेमाल के तौर पर देखा जा रहा है।
रसोई के बजट और गैस के अर्थशास्त्र में आज एक ऐसा भूचाल आया है जिसने मध्यमवर्गीय परिवारों की बैकअप प्लानिंग को हिलाकर रख दिया है। पिछले करीब एक दशक से भारतीय घरों में पीएनजी (PNG) की पाइपलाइन और कोने में रखे एलपीजी (LPG) सिलेंडर की जुगलबंदी भरोसे का प्रतीक थी कि अगर कनेक्शन प्रभावित होता है तो वो सिलेंडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन सरकार के ताजा आदेश ने इस जोड़ी को हमेशा के लिए जुदा कर दिया है।
मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह साफ कर दिया है कि जिस घर के पास पीएनजी (PNG) कनेक्शन है उसे एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा। नए संशोधन के अनुसार अब उन उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सुविधा नहीं मिलेगी जिनके पास पहले से पाइप नेचुरल गैस यानी PNG का कनेक्शन मौजूद है। नए आदेश के बाद अब पीएनजी ग्राहक सिलेंडर को रिफिल नहीं कर पाएंगे।
सरकार ने अपने आदेश में क्या कहा : आदेश में कहा गया है, ”कोई भी व्यक्ति जिसके पास पीएनजी कनेक्शन और घरेलू एलपीजी कनेक्शन दोनों हैं, वे घरेलू एलपीजी कनेक्शन नहीं रखेगा, या किसी भी सरकारी पेट्रोलियम कंपनी से या उनके वितरक के जरिए भरा हुआ एलपीजी सिलेंडर नहीं लेगा। ऐसे लोगों को तुरंत अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन ‘सरेंडर’ करना होगा।” सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियां संशोधित आदेश के तहत पीएनजी कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं को खाली एलपीजी सिलेंडर के बदले भरा हुआ सिलेंडर नहीं देंगी। सरकार के इस कदम का मकसद उन घरों के लिए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता देना है, जिनके पास पीएनजी आपूर्ति की सुविधा नहीं है।
जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है भारत : भारत अपनी लगभग 88 प्रतिशत कच्चे तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी की जरूरत को आयात से पूरा करता है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले और जवाबी ईरानी कार्रवाई से पहले भारत का आधे से ज्यादा कच्चे तेल का आयात, लगभग 30 प्रतिशत गैस और 85-90 एलपीजी आयात सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता था। इस युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो गया है, जो खाड़ी देशों की ऊर्जा आपूर्ति का मुख्य रास्ता है।
कच्चे तेल की आपूर्ति में सुधार : हालांकि, भारत ने रूस जैसे देशों से कच्चा तेल मंगाकर आपूर्ति में व्यवधान को कुछ हद तक ठीक किया है, लेकिन औद्योगिक ग्राहकों को गैस आपूर्ति कम कर दी गई है और होटल और रेस्तरां को भी एलपीजी की उपलब्धता कम हो गई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने शहर गैस वितरण कंपनियों से घरों को घरेलू पीएनजी कनेक्शन देने के काम में तेजी लाने और उन इलाकों में उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने को कहा है जहां पाइपलाइन का ढांचा पहले ही बिछाया जा चुका है।







