नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी टेरर फंडिंग निगरानी संस्था FATF ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने कहा है कि आतंकवादी अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन पेमेंट सर्विसेस का इस्तेमाल फंड जुटाने, हथियार खरीदने और हमलों के लिए कर रहे हैं। भारत में हुए पुलवामा और गोरखनाथ मंदिर मामलों को उदाहरण के तौर पर रिपोर्ट में शामिल किया गया है।
वैश्विक आतंकी वित्तपोषण निगरानी संस्था एफएटीएफ ने दावा किया है कि फरवरी 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक अमेजन से खरीदा गया था। एफएटीएफ ने दावा किया कि 2022 में गोरखनाथ मंदिर पर हमला करने वाले आतंकी को पेमेंट PayPal से हुआ था।
अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए FATF ने कहा कि वित्तीय सहायता के बिना ऐसे हमले संभव नहीं थे। एफएटीएफ ने कहा था कि वह 200 अधिकार क्षेत्रों वाले अपने वैश्विक नेटवर्क द्वारा प्रदान किए गए मामलों को संकलित करते हुए “आतंकवादी वित्तपोषण का व्यापक विश्लेषण” करेगा।
Amazon से खरीदा गया विस्फोटक- भारत में आतंकवादी हमले के लिए सामग्री की खरीद के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के उपयोग का केस स्टडी देते हुए FATF ने कहा कि हमले में इस्तेमाल किए गए तात्कालिक विस्फोटक उपकरण का एक प्रमुख घटक – एल्यूमीनियम पाउडर – EPOM Amazon से खरीदा गया था। इस सामग्री का उपयोग विस्फोट के प्रभाव को बढ़ाने के लिए किया गया था।
बता दें कि फरवरी 2019 में, जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में भारतीय सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाकर एक आत्मघाती बम विस्फोट किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 40 सैनिक मारे गए। आतंकी हमले की साजिश जैश-ए-मोहम्मद (JiM) द्वारा रची गई थी।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन मार्केटप्लेस का दुरुपयोग – FATF रिपोर्ट ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आतंकवादी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन मार्केटप्लेस का दुरुपयोग कर रहे हैं और कहा कि आतंकवादियों ने अपने परिचालन खरीद (उपकरण, हथियार, रसायन, 3D-प्रिंटिंग सामग्री) के लिए ऐसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया है। FATF ने कहा कि EPOM का उपयोग व्यापार आधारित मनी लॉन्ड्रिंग योजनाओं से प्रेरित होकर फंड-मूविंग उद्देश्य के लिए किया जा सकता है।
आतंकी को पेपाल से भेजे गए 669,841 रुपये- ऑनलाइन भुगतान सेवा और वीपीएन के उपयोग पर एक केस स्टडी का हवाला देते हुए एफएटीएफ ने 3 अप्रैल, 2022 को गोरखनाथ मंदिर में हमला करने को पेपाल (PayPal ) के माध्यम से 669,841 रुपये (7,685 अमेरिकी डॉलर) भेजे गए थे। इसके अलावा एक अन्य विदेशी स्रोत से 10,323.35 रुपये (188 अमेरिकी डॉलर) भी आतंकी को मिले थे। आईपी पते को अस्पष्ट करने के लिए वीपीएन सेवाओं का उपयोग किया गया था।







