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दिल्ली-एनसीआर

दिल्ली हौजरानी अग्निकांड: बेसमेंट में सो रहे 6 लोगों की नींद में ही हुई मौत

दक्षिणी दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली में हौजरानी स्थित अवैध होटल में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में सामने आए तथ्यों ने हादसे की भयावहता को और स्पष्ट कर दिया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के बाद सामने आ रहा है कि किचन में लगी आग डीप फ्रीजर के कंप्रेसर में हुए धमाके के बाद अचानक विकराल रूप ले गई, वहीं, बेसमेंट के कमरों में सो रहे छह लोगों को आग और धुएं का अंदाजा तक नहीं लग सका और उनकी नींद में ही मौत हो गई।

पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना वाले दिन सुबह करीब आठ बजे होटल का रसोइया केशव नेगी ड्यूटी पर पहुंचा था। उसने किचन में इलेक्ट्रिक स्टोव, एयर फ्रायर और डीप फ्रायर चालू किए। करीब 8.40 बजे एयर फ्रायर में कथित तौर पर शॉर्ट-सर्किट हुआ, जिससे आग लग गई। पास में मौजूद डीप फ्रायर में भरे तेल ने आग को तेजी से फैलाने का काम किया। उस समय किचन में कोई दूसरा कर्मचारी मौजूद नहीं था।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि अभी तक की जांच के बाद आशंका जताई जा रही है कि आग लगने के करीब 20 मिनट बाद किचन में रखा डीप फ्रीजर तेज धमाके के साथ फट गया। माना जा रहा है कि उसके कंप्रेसर में विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग ने देखते ही देखते पूरे ग्राउंड फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया। धमाके के बाद आग और धुएं का फैलाव इतना तेज था कि भवन के ऊपरी हिस्सों में ठहरे लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। सबसे दर्दनाक स्थिति बेसमेंट में मौजूद लोगों की रही। जांच में सामने आया है कि बेसमेंट तक आग नहीं पहुंची थी, लेकिन घना और जहरीला धुआं वहां भर गया था।

बेसमेंट के दो कमरों में ठहरे छह लोग गहरी नींद में थे। धुएं ने धीरे-धीरे उनके श्वसन तंत्र को प्रभावित किया और उन्हें जागने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। बचाव दल को बाद में सभी छह लोग बेसुध अवस्था में मिले, जिनकी दम घुटने से मौत हो चुकी थी। केशव अगर आग लगने के बाद अगर सोए हुए लोगों को उठा देता तो शायद उनकी जान बच जाती, लेकिन वह मौके से डर कर भाग गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बेसमेंट के प्रवेश द्वार पर पहले से ताला लगा हुआ था। हालांकि वहां जाने के लिए सीढिय़ां और लिफ्ट मौजूद थीं, लेकिन धुएं के तेजी से भर जाने के कारण अंदर फंसे लोगों के लिए बचाव का कोई रास्ता नहीं बचा। ताला लगा होने के चलते बचाव टीम भी आसानी से अंदर नहीं जा सकी थी।

इस बीच, पुलिस अब आग के फैलाव के पूरे घटनाक्रम का वैज्ञानिक अध्ययन कराने की तैयारी कर रही है। इसके लिए आइआइटी दिल्ली की मदद ली जाएगी। विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि किचन में लगी आग डीप फ्रीजर के कंप्रेसर के धमाके के बाद इतनी तेजी से पूरे भवन में कैसे फैल गई। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह रिपोर्ट न केवल हादसे की असली वजह स्पष्ट करेगी, बल्कि आगामी चार्जशीट में भी अहम साक्ष्य के रूप में शामिल की जाएगी।

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