Home » छत्तीसगढ़ में मौसम ने ली करवट : कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट, भीषण बारिश का अलर्ट
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में मौसम ने ली करवट : कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट, भीषण बारिश का अलर्ट

तेज हवाओं की चेतावनी

रायपुर। राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार को राज्य के कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 से 48 घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। दक्षिणी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां दोबारा सक्रिय होने से राज्यभर में मौसम में नमी और ठंडक बढ़ने लगी है।

आईएमडी के अनुसार, बस्तर, रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभागों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी वर्षा की आशंका है। वहीं सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर, धमतरी, बालोद, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर- चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग और बेमेतरा जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।

इसके अलावा बीजापुर, बस्तर, कोंडागांव, राजनांदगांव, कोरबा, कबीरधाम और मुंगेली जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के चलते यह प्रणाली राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों की ओर बढ़ रही है, जिसका असर बुधवार और गुरुवार को भी देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेषकर ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में तेज हवाओं व बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों को खुले में या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को फसल कटाई और खेतों में रखे अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखने की हिदायत दी गई है ताकि नुकसान से बचा जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से राज्य में मानसून की विदाई में देरी हो रही थी। अब सक्रिय हुई प्रणाली के कारण अक्टूबर के मध्य तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। यह बारिश जहां खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित होगी, वहीं लगातार वर्षा से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बिजली गिरने, पेड़ों के गिरने और जलभराव से संबंधित घटनाओं के लिए आपदा प्रबंधन दलों को तैयार रहने को कहा गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव शुरू होगा और मानसून की वापसी की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी।

Search

Archives