रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को सुशासन तिहार के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के बैगा बाहुल्य गांव चूकती पानी पहुंचे। जहां पर मुख्यमंत्री के साथ राज्य के प्रमुख सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने चुक्तिपानी गांव में महुआ पेड़ की छांव में सुशासन की चौपाल लगाई, जहां ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जमीनी समीक्षा की। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का तेंदू फल और लाल भाजी भेंटकर पारंपरिक स्वागत किया।
गांव के मिडिल स्कूल परिसर में महुआ पेड़ के नीचे लगी चौपाल में मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों से कहा कि सरकार कैसे काम कर रही है, यह जानने मैं स्वयं आपके घर आया हूं। जो भी परेशानी है, निःसंकोच बताइए। चौपाल के दौरान जब मुख्यमंत्री की नजर ओवरफ्लो हो रही पानी टंकी पर पड़ी, तो उन्होंने पानी की बर्बादी पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत पर पीएचई विभाग के सब इंजीनियर को फटकारते हुए कहा कि या तो काम करो, या सस्पेंड होने के लिए तैयार रहो।
जनसंवाद के दौरान महिलाओं ने बताया कि वे महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि से स्व-सहायता समूह बनाकर जैविक खेती कर रही हैं और स्थानीय मंडियों में सब्जियाँ बेचकर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट से उगाई गई लाल भाजी भी मुख्यमंत्री को भेंट की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों की मांग पर मिडिल स्कूल भवन के मरम्मत की घोषणा की, साथ ही स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने की भी घोषणा की। उल्लेखनीय है कि गांव के लिए 179 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, ताकि हर जरूरतमंद को छत मिल सके। चुकतीपानी में मुख्यमंत्री का यह अप्रत्याशित दौरा न सिर्फ जनता से सीधा संवाद था, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी था कि सरकार सिर्फ फाइलों में नहीं, गांव की मिट्टी में उतरकर सुशासन को परखती है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल में क्या काम हुए हैं, उसका मूल्यांकन करने और जनता से फीडबैक लेने के लिए ही सुशासन तिहार का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि यह अभियान तीन चरणों में चलाया जा रहा है और इसके तहत प्रदेश के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी जिलों में औचक निरीक्षण कर रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित अन्य अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।







