Home » अवैध संबंध व पैसों के लालच में पति बना कातिल : पत्नी का कराया 16 लाख का इंश्योरेंस फिर चाकू से गोदकर मार डाला, दो साल बाद पकड़ाया
छत्तीसगढ़

अवैध संबंध व पैसों के लालच में पति बना कातिल : पत्नी का कराया 16 लाख का इंश्योरेंस फिर चाकू से गोदकर मार डाला, दो साल बाद पकड़ाया

महासमुंद। अवैध संबंध और पैसों के लालच में पति कातिल बन गया। उसने अवैध संबंध के लिए 25 साल पुराने रिश्ते को भी तबाह कर दिया। घटना को अंजाम देने से पहले पति ने पत्नी का 16 लाख का इंश्योरेंस कराया और खुद नामिनी बन गया। इंश्यारेंस कराने के बाद चाकू से पत्नी को गोद गोदकर मौत के घाट उतार दिया। शातिर पति की साजिश ऐसी की पुलिस को भी उसे पकड़ने में पूरे दो साल लग गए।सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम बम्हनी में 26 मार्च 2021 की शाम संतोषी यादव पति परमानंद यादव उम्र लगभग 45 साल की किसी अज्ञात व्यक्ति ने शाम 7.30 बजे के लगभग हत्या कर दी थी। मामले की रिपोर्ट सिटी कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। दो साल पहले हुए इस घटना के सभी पहलुओं पर सिटी कोतवाली पुलिस ने जांच की, लेकिन कातिल तक नहीं पहुंच सकी। महासमुंद पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने मामले में जांच की जिम्मेदारी सबसे काबिल अधिकारी महासमुंद एसडीओपी मंजूलता बाज को दी। दो साल पुराने हत्याकांड को सुलझाते हुए सिटी कोतवाली पुलिस ने संतोषी यादव के पति परमानंद यादव को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर हत्या का मामला 302 दर्ज कर रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है। महासमुंद पुलिस अधीक्षक ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 26 मार्च 2021 को ग्राम बम्हनी में मृतिका संतोषी बाई की हत्या उसके पति परमानंद यादव ने की थी। मृतिका के पति परमानंद यादव का किसी दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध था। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद चल रहा था। पति ने पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए हत्या की साजिश रची। पत्नी की हत्या के पूर्व परमानंद ने अपनी पत्नी के नाम दो 8 लाख का टर्म लाइफ इंश्योरेंस कराया था। घटना को अंजाम देने के दो माह बाद क्लेम करने इंश्योरेंस कंपनी भी गया था। पुलिस को जांच में यह भी जानकारी सामने आई कि आरोपी रोज अपने दफ्तर से निकलकर सबसे पहले अपनी प्रेमिका से मिलने जाता है। चपरासी के पद पर पदस्थ चेहरे से परिवारिक और सामाजिक दिखने वाले इंसान ने हैवानियत की सभी हदें पार कर दी। आरोपी चाहे कितना भी चालक क्यों ना हो एक ना एक दिन उसे उसके गुनाहों की सजा जरूर मिलती ही है। मामले को महासमुंद सिटी कोतवाली पुलिस ने आखिरकार दो साल बाद सुलझा लिया है।

Search

Archives