पूर्णिया। बिहार बड़े हत्याकांड की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि एक ही परिवार के 5 लोगों की अंधविश्वास के चलते जमकर पिटाई की गई। इसके बाद पीड़ितों को जिंदा जला दिया गया।
जानकारी के अनुसार लोगों ने पीड़ित परिवार पर डायन का आरोप लगाते हुए मारपीट की थी। घटना के बाद से ही गांव में तनाव है। इसके चलते पुलिस मौके पर कैंप कर रही है। मामला मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के रजीगंज पंचायत के टेटगामा आदिवासी गांव का है। आरोप है कि यहां डायन बताकर एक परिवार के सभी सदस्यों को लोगों की भीड़ अपने साथ ले गई और मारपीट की। इसके बाद पीड़ित परिवार के लोगों को जिंदा जला दिया गया। बताया जा रहा है कि गांव के ढाई सौ से अधिक लोगों ने इन्हें घेरकर मारा। जांच के लिए एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम भी जुटी है।
घटना बाबूलाल उरांव के घर की बताई जा रही है। उरांव के आसपास रहने वाले सभी लोग फरार हैं। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी, डीएसपी, मुफ्फसिल थानाध्यक्ष घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
पूर्णिया सदर एसडीपीओ पंकज कुमार शर्मा के अनुसार “आज सुबह करीब 5 बजे सोनू कुमार (16) ने पुलिस को सूचना दी कि काला जादू के नाम पर उरांव समुदाय के लोगों ने उसके परिवार के साथ मारपीट की और रात में जिंदा जला दिया। जांच के दौरान जब हम उनके गांव पहुंचे तो हमें 5 लोगों के लापता होने की जानकारी मिली – बाबूलाल उरांव, सीता देवी, मंजीत उरांव, अरनिया देवी और ककटो। बाद में उनकी जली हुई लाशें बरामद की गईं। तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि रामदेव उरांव के बच्चे की 3 दिन पहले मौत हो गई थी, ऐसा माना जा रहा है कि वे काला जादू करते थे और इसी सिलसिले में उनकी हत्या की गई।”







