भुवनेश्वर। संभावित चक्रवात और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ओडिशा दौरा एक सप्ताह के लिए टाल दिया गया है। राष्ट्रपति का 28 और 29 अक्टूबर को मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित था। अब यह दौरा 4 और 5 नवंबर को निर्धारित किया गया है। मयूरभंज के जिलाधिकारी ने इसकी जानकारी दी है।
राष्ट्रपति के दौरे को आधिकारिक तौर पर रद नहीं किया गया है, बल्कि मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात को लेकर पूर्वानुमान जारी किया है। ऐसे में सुरक्षा और मौसम की अनुकूलता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे के दौरान अपने गृह क्षेत्र रायरंगपुर के अलावा बहरलदा स्थित मां किचकेश्वरी मंदिर और गोरुमहिषाणी जाने का कार्यक्रम था। इसके साथ ही उन्हें विभिन्न कार्यक्रमों में भी शामिल होना था।
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर मयूरभंज जिले में तैयारियां चल रही थीं। अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार प्रशासन आगे की व्यवस्था करेगा। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे संभावित चक्रवात से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की।
मंत्री के अनुसार, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) इस मौसमी प्रणाली की लगातार निगरानी कर रहा है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में अंडमान द्वीप समूह के निकट कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढऩे और धीरे-धीरे अधिक शक्तिशाली होने की संभावना है। मौसम प्रणाली के अनुसार चक्रवात के 28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका है, हालांकि अभी इसके संभावित लैंडफॉल स्थल का सटीक आंकलन नहीं किया गया है। मंत्री ने बताया कि चक्रवात के गोपालपुर (ओडिशा) और मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) के बीच तट पर पहुंचने की संभावना है।







