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उत्तर प्रदेश

अब तेरे बिना नहीं जी पाऊंगा… पत्नी को मुखाग्नि देते ही पति की मौत, डेढ़ घंटे में जलीं दो चिताएं

रामपुर। पति- पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का साथ माना जाता है। शादी से लेकर चिता तक साथ निभाने का वचन दिया जाता है। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के गांव मढ़ैयां तुलसी में कुछ ऐसा ही सिहर उठने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स की पत्नी अचानक चल बसी। पति ने जैसे ही पत्नी की चिता को मुखाग्नि दी, कुछ ही पलों में उसकी भी मौत हो गई। जिसके बाद डेढ़ घंटे में ही दोनों की एक ही जगह चिता जली। 61 साल के मेवाराम अपनी 55 साल की पत्नी देवनिया की मौत का गम नहीं सह सके। पत्नी ने मंगलवार की सुबह दम तोड़ दिया। सूचना के बाद परिवार के लोग रामगंगा घाट पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे थे। मेवाराम को अपनी पत्नी के जाने पर यकीन नहीं हो रहा था।

रोते हुए गिरा फिर नहीं उठा

पत्नी के अंतिम दर्शनों के बाद मेवाराम ने पत्नी की चिता को मुखाग्नि दी। इसी दौरान रोते हुए कहा कि अब तेरे बिना मैं भी जी नहीं पाऊंगा। कुछ ही पलों में चिता के बराबर में गिर गया। परिजनों ने उठाया, तो शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी। बेटे रमेश और रामपाल उसे लेकर पास की सीएचसी पहुंचे, लेकिन यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

बड़े बेटे रमेश ने दी मेवाराम को मुखाग्नि

पिता का निधन होने के बाद भी बेटों को यकीन नहीं हुआ। वे पिता को लेकर निजी अस्पताल गए। यहां भी उनको मृत घोषित कर दिया गया। जिसके बाद पूरे क्षेत्र में ये बात फैल गई। रामगंगा घाट पर कुछ देर बाद मेवाराम की चिता को बेटे रमेश ने मुखाग्नि दी। अपने पिता और माता के जाने का गम दोनों बेटों के चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था।

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