नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ आज 5 नवंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर ने इस किरदार को निभाने के अपने अनुभव और चुनौतियों को लेकर खुलकर बात की है।
अभिनेता ने स्वीकार किया कि भगवान राम जैसे पूजनीय किरदार को पर्दे पर उतारना उनके लिए आसान नहीं था। इस भूमिका को निभाते समय वह कई तरह के डर और असुरक्षाओं से गुजरे। रणबीर के मुताबिक, किसी पौराणिक किरदार को निभाने में कलाकार को अपनी रचनात्मक स्वतंत्रता सीमित रखनी पड़ती है, क्योंकि दर्शकों की आस्था और मूल ग्रंथों से जुड़ी अपेक्षाएं भी महत्वपूर्ण होती हैं। एक इंटरव्यू में रणबीर और फिल्म में माता सीता की भूमिका निभा रहीं साई पल्लवी ने इस जिम्मेदारी पर विस्तार से बात की।
‘रामायण’ में अपनी मर्जी से कुछ भी करना आसान नहीं था
रणबीर कपूर ने बताया कि आधुनिक फिल्मों में काल्पनिक किरदार निभाते समय कलाकार को अपनी तरफ से कई प्रयोग करने की आजादी होती है। उन्होंने अपनी फिल्मों ‘एनिमल’ और ‘ब्रह्मास्त्र’ का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे किरदारों में एक सीमा तक रचनात्मक स्वतंत्रता रहती है। लेकिन ‘रामायण’ के मामले में स्थिति अलग थी। यह हजारों साल पुराना ग्रंथ है और इससे करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। ऐसे में कलाकार की कोशिश होनी चाहिए कि वह मूल कथा के प्रति ईमानदार रहे और अपनी तरफ से अनावश्यक बदलाव न करे। अभिनेता ने कहा कि इस भूमिका को निभाते समय उनके मन में कई तरह के सवाल आते थे। उन्हें यह भी सोचना पड़ता था कि कहीं उनका अभिनय किसी समुदाय की भावनाओं को आहत तो नहीं करेगा या वह लोगों की अपेक्षाओं पर खरे उतर पाएंगे या नहीं। रणबीर के मुताबिक इन आशंकाओं को अपने काम पर हावी नहीं होने देना सबसे बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कहा कि कलाकार को कहानी पर विश्वास रखना चाहिए, उसके प्रति श्रद्धा रखनी चाहिए और अपने अभिनय को सहज बनाए रखना चाहिए।
शुरुआत में मन में काफी डर था
भगवान राम की भूमिका निभाने को लेकर रणबीर ने स्वीकार किया कि शुरुआत में उनके मन में काफी डर था। उन्होंने बताया कि जब कोई कलाकार भगवान का किरदार निभाता है, तो वह अपने हावभाव, चलने के तरीके, पहनावे और चेहरे के भावों को लेकर जरूरत से ज्यादा सतर्क हो जाता है। उसे लगने लगता है कि इस किरदार को एक खास तरीके से ही निभाना चाहिए। ऐसे में कलाकार कभी-कभी अपने अभिनय को जरूरत से ज्यादा गंभीर बना सकता है। रणबीर ने कहा कि उनके साथ भी ऐसा ही हुआ था। उन्हें खुद पर संदेह होने लगा था। वह सोचते थे कि क्या वह इस भूमिका के लिए सही उम्र में हैं और क्या वह भगवान राम जैसे आदर्श व्यक्तित्व के साथ न्याय कर पाएंगे। उनके मन में कई तरह की असुरक्षाएं और सवाल थे। हालांकि उन्हें यह भी एहसास था कि ऐसा अवसर बार-बार नहीं मिलता। इसलिए उन्होंने अपने डर से बाहर निकलकर इस चुनौती को स्वीकार करने का फैसला किया।
‘भगवान राम को इंसान की तरह समझना जरूरी’
रणबीर का मानना है कि पौराणिक किरदारों को दर्शकों के करीब लाने के लिए उन्हें मानवीय भावनाओं के साथ पेश करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे पात्रों को सिर्फ आदर्श या दिव्य रूप में दिखाने के बजाय उनकी संवेदनाओं, कमजोरियों और भावनाओं को भी समझना चाहिए। इससे दर्शक उनके साथ जुड़ पाते हैं और कहानी अधिक विश्वसनीय बनती है। अभिनेता के अनुसार, किरदार में इंसानी पहलुओं को जगह देना ही उसे प्रभावशाली बनाने का एक अहम तरीका है।
साई पल्लवी ने सीता के किरदार को लेकर कही दिल की बात
इंटरव्यू में साई पल्लवी ने भी माता सीता की भूमिका निभाने के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उनकी आध्यात्मिक परवरिश ने इस किरदार को समझने में उनकी मदद की। साई के मुताबिक, वह हर फिल्म से कुछ नया सीखती हैं और कई बार कोई किरदार उनके व्यक्तित्व के ऐसे पहलुओं को सामने लाता है, जिनसे वह पहले खुद भी परिचित नहीं होतीं। ‘रामायण’ उनके लिए अभिनय से आगे बढ़कर आध्यात्मिक अनुभव जैसा रहा। साई ने कहा कि वह सीता के किरदार को सिर्फ अपनी सर्वश्रेष्ठ परफॉर्मेंस देने के नजरिए से नहीं देखना चाहती थीं। उनकी कोशिश थी कि वह खुद को इस भूमिका के प्रति पूरी तरह समर्पित कर दें। उन्होंने बताया कि माता सीता के रूप में उन्हें लगा कि इस किरदार को उसी तरह निभाना चाहिए, जिस तरह वह इसकी कल्पना करती हैं और जिस तरह भगवान चाहते होंगे।
दो हिस्सों में तैयार की गई है ‘रामायण’
नमित मल्होत्रा के निर्माण और नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी ‘रामायण’ दो हिस्सों में तैयार की गई है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में हैं। प्राइम फोकस स्टूडियोज ने इसे DNEG और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर बनाया है। फिल्म के संगीत के लिए ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस जिमर और एआर रहमान ने पहली बार साथ काम किया है। वहीं, इसके विजुअल इफेक्ट्स की जिम्मेदारी DNEG ने संभाली है। बड़े अंतरराष्ट्रीय दर्शक वर्ग को ध्यान में रखकर बनाई गई यह फिल्म IMAX फॉर्मेट में भी रिलीज हुई है।







