दुर्ग में फर्जी मैरिज ब्यूरो का पर्दाफाश, संचालक गिरफ्तार
दुर्ग-भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले एक शातिर फर्जी मैरिज ब्यूरो का सुपेला पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से तैयार की गई काल्पनिक और खूबसूरत युवतियों की तस्वीरें अपलोड कर भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस ने इस हाई-टेक साइबर फ्रॉड का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सोशल मीडिया पर तीन फर्जी नामों से चल रहा था खेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कल्याण मैट्रिमोनी, एलिट मैच मैट्रिमोनी और फ्यूचर पार्टनर जैसे आकर्षक नामों से फर्जी पेज चला रहा था। इन विज्ञापनों में एआई जनित काल्पनिक युवतियों की तस्वीरें और फर्जी मोबाइल नंबर इस्तेमाल किए जाते थे।
दूसरे राज्यों और आसपास के इलाकों से शादी के इच्छुक लोग जब इन विज्ञापनों को देखकर संपर्क करते थे, तो आरोपी उनसे बायोडाटा मंगवाते और फिर शुरू होता था ठगी का असली खेल।
पसंद की दुल्हन का झांसा और क्यूआर कोड से वसूली
पीड़ितों को उनकी पसंद की लड़की से शादी कराने का भरोसा दिलाकर आरोपी मैरिज काउंसलर के नाम पर बैंक खातों के क्यूआर कोड भेजता था। शुरुआत में रजिस्ट्रेशन या फाइल चार्ज के नाम पर 2 हजार रुपए’’ और इसके बाद अलग-अलग बहानों से मोटी रकम वसूल की जाती थी। जैसे ही पैसे खाते में पहुंचते थे, ठग पीड़ित का मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर उससे सारे रिश्ते और संपर्क तोड़ लेते थे। भारत सरकार के समन्वय पोर्टल पर भी इन खातों के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हैं।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की रेड, युवतियां भी हुईं थीं शिकार
29 अक्टूबर को सुपेला पुलिस को उत्तर गंगोत्री भवन (यूनियन बैंक के पास) स्थित एक हॉल में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर की गुप्त सूचना मिली। पुलिस टीम ने तुरंत दबिश दी, जहां संचालक परमानंद यादव (24) के साथ चार युवतियां काम करती मिलीं।
चौंकाने वाली बात यह है कि इन युवतियों को भी एक प्रतिष्ठित कंपनी में 7 हजार रुपए महीने की नौकरी का झांसा देकर फंसाया गया था। उन्हें सिर्फ दो दिन की ट्रेनिंग देकर मैरिज काउंसलर के रूप में ग्राहकों से बात करने और क्यूआर कोड के जरिए पेमेंट लेने के काम पर लगाया गया था, जबकि उन्हें इस पूरे फर्जीवाड़े की असलियत पता नहीं थी।
भारी मात्रा में संपत्ति और नकदी जब्त
पुलिस ने मौके से तलाशी के दौरान बड़ा सामान जब्त किया है। जिसमें 1 लाख 64 हजार रुपए नकद, 26 मोबाइल फोन (22 कीपैड और 4 एंड्रॉइड जैसे मोटोरोला, वनप्लस, आईफोन) एयरटेल और वीआई के 16 सिम कार्ड, कंप्यूटर सेट और एयरटेल वाई-फाई राउटर, बैंक चेकबुक, पासबुक, पेमेंट क्यूआर कोड और ग्राहकों के डेटा वाले रजिस्टर जब्त किया है। कुल जब्त संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 83 हजार 600 रुपए है।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
गिरफ्तार आरोपी परमानंद यादव मूल रूप से ग्राम ओटेबंद (थाना नंदनी, अहिवारा) का रहने वाला है और वर्तमान में नेहरू नगर ईस्ट में रह रहा था। सुपेला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 317(2) और 319(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बैंक खातों और सहयोगियों की तलाश कर रही है।







