चेन्नई। तमिलनाडु के थेनी जिले की जेल से 17 कैदियों के फरार होने के मामले में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सख्त रुख अपनाया है। जेल की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आने के बाद उन्होंने डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही राज्य की सभी जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
यह पूरा मामला 26 अक्टूबर का है। थेनी जिले की थेक्कमपट्टी उप-जेल में बंद 17 कैदियों ने भागने के लिए पहले मेडिकल इमरजेंसी का नाटक किया। इसके बाद उन्होंने जेल कर्मचारियों को काबू में कर लिया और जेल से फरार हो गए। हालांकि, बाद में सभी फरार कैदियों को दोबारा पकड़ लिया गया।
घटना के बाद मुख्यमंत्री ने जेल की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के आरोप में डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट (प्रभारी) एन. रामलिंगम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है। रामलिंगम 6 अगस्त 2024 से थेनी जिले में तैनात थे। उनके खिलाफ आगे के आदेश तक निलंबन की कार्रवाई जारी रहेगी। जेल से इतनी बड़ी संख्या में कैदियों के फरार होने को गंभीर लापरवाही मानते हुए सरकार ने जेलर समेत 17 कर्मचारियों को भी निलंबित कर दिया है। इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का मानना है कि ड्यूटी में लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर ठीक से नजर नहीं रखने के कारण यह घटना हुई। मुख्यमंत्री विजय ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया है कि राज्य की किसी भी जेल में ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी जेलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सीसीटीवी और निगरानी तंत्र को दुरुस्त रखने के साथ कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा गया है। जेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों के जरिए भी व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है।







