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क्या ममता बनर्जी उपचुनाव लड़ेंगी? बंगाल में छिड़ी अटकलें, नंदीग्राम या रेजीनगर पर नजर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी उपचुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इनमें से किसी सीट से चुनाव लड़ेंगी? छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों में बंगाल की दो सीटें शामिल हैं, रेजीनगर (जो हुमायूं कबीर द्वारा खाली की गई, जिन्होंने नावदा से भी जीत हासिल की थी) और नंदीग्राम (जिसे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने खाली किया, जिन्होंने भवानीपुर सीट बरकरार रखी)।

पार्टी के कई नेताओं और समर्थकों का मानना है कि भाजपा के बढ़ते प्रभाव और तृणमूल में हो रहे पलायन को देखते हुए ममता बनर्जी को आगे आकर नेतृत्व करना चाहिए। विधानसभा में विधायक के रूप में वे प्रमुख मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा सकती हैं, विपक्ष के नेता की भूमिका निभा सकती हैं और पार्टी को मजबूत कर सकती हैं।

नंदीग्राम ज्यादा सुरक्षित?

आंकड़ों के अनुसार नंदीग्राम ममता के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प हो सकता है। 2021 में शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 1,956 वोटों से हराया था। इस बार तृणमूल उम्मीदवार को 9,665 वोटों से हराया।

वहीं रेजीनगर (मुर्शिदाबाद जिले में) 65 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, जो ममता के पक्ष में जा सकती है। कुछ का कहना है कि रेजीनगर कांग्रेस के लिए छोड़ देना बेहतर होगा। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का सुझाव है कि तृणमूल कांग्रेस को इन सीटों पर कांग्रेस के साथ गठबंधन करना चाहिए। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार नंदीग्राम से लड़ सकते हैं क्योंकि वे स्थानीय हैं।

प्रतीक को लेकर विवाद

बड़ी चुनौती यह भी है कि तृणमूल कांग्रेस अपना चुनाव चिह्न ‘दो फूल’ बरकरार रख पाएगी या नहीं। ऋतव्रत बनर्जी गुट ने दावा किया है कि वे असली तृणमूल हैं और दोनों सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। तृणमूल के कुणाल घोष ने कहा कि जनता ममता बनर्जी के साथ है।

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