Home » महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण शरण सिंह बरी
देश

महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण शरण सिंह बरी

नई दिल्ली/गोंडा बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों की तरफ से लगाए गए यौन शोषण के आरोप से राहत मिल गई है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को मामले में बरी कर दिया है। उनके साथ मामले में एक और आरोपी विनोद तोमर को भी बरी किया गया है। 20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत पर चल रहे बृजभूषण पर 10 मई 2024 को आरोप तय किए गए थे।

पहले जानें- किस मामले में बरी हुए बृजभूषण शरण सिंह?

18 जनवरी 2023 :  पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया समेत करीब 30 पहलवान भारतीय कुश्ती संघ के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गए। पहलवानों का आरोप था कि बृजभूषण शरण सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग कर कई महिला खिलाड़ियों का यौन शोषण किया है। छह महिला पहलवानों ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। इन आरोपों में भारतीय कुश्ती महासंघ के कुछ कोचों की संलिप्तता की बात भी कही गई।

21 जनवरी 2023 :  खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने पहलवानों के साथ कई दौर की बात की। बृजभूषण सिंह के खिलाफ लगे आरोपों पर जांच के लिए समिति का गठन किया गया और उन्हें कुश्ती संघ के कामकाज से दूर रहने के लिए कहा गया। पहलवानों ने चार दिन प्रदर्शन करने के बाद धरना खत्म कर दिया।

5 अप्रैल 2023 :  समिति ने अपनी रिपोर्ट खेल मंत्रालय को सौंप दी। हालांकि, इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। कई मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि बृजभूषण पर आरोप लगाने वाली महिला पहलवान सबूत नहीं दे पाईं हैं। इसके बाद खबर आई कि बृजभूषण कुश्ती संघ के अध्यक्ष के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा करेंगे, लेकिन आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे। यह भी सामने आया कि उन्हें संघ में कोई और जिम्मेदारी मिल सकती है।

23 अप्रैल 2023 :  भारतीय पहलवान लगभग तीन महीने बाद फिर जंतर-मंतर में धरने पर बैठ गए। पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में भी बृजभूषण के खिलाफ एफआईआर को लेकर शिकायत की।

28 अप्रैल 2023 :  सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर पहलवानों की याचिका पर सुनवाई हुई। तब कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने पुलिस को शिकायत करने वाली पहलवानों की सुरक्षा तय करने को भी कहा। इसके बाद पहलवानों ने कहा कि बृजभूषण सिंह के गिरफ्तार होने तक धरना जारी रहेगा। वहीं, बृजभूषण सिंह ने खुद को निर्दोष बताया और संकेत दिया कि पूरी ताकत लगाकर खुद को निर्दोष साबित करेंगे।

15 जून 2023 :  पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 (शील भंग करना), 354ए (यौन टिप्पणी), 354डी (पीछा करना) और 506(1) (आपराधिक धमकी) के तहत अपराध के लिए आरोप पत्र दायर किया। शुरुआत में बृजभूषण सिंह पर एक नाबालिग पहलवान ने भी आरोप लगाए थे। हालांकि, बाद में उसने अपनी शिकायत वापस ले ली और दिल्ली पुलिस ने उस मामले में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो अधिनियम) के तहत क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी।

मई 2025 :  अदालत ने बृजभूषण के खिलाफ नाबालिग की तरफ से लगाए गए आरोपों के खिलाफ दायर क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया और कुश्ती संघ के पूर्व प्रमुख को राहत दी। इस दौरान अदालत ने बाकी पहलवानों के आरोपों पर सुनवाई जारी रखी।

बृजभूषण शरण सिंह पहले किन मामलों में घिरे?

  • बृजभूषण शरण सिंह उन 40 आरोपियों में से एक थे, जिन्हें 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने के लिए जिम्मेदार कहा गया था। हालांकि, लंबे समय तक कानूनी लड़ाई के बाद 30 सितंबर 2020 को कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।
  • 1993 में बृजभूषण शरण सिंह पर दाऊद इब्राहिम के गुर्गों को संरक्षण देने का आरोप लगा। बाद में उन्हें टाडा के अंतर्गत तिहाड़ जेल में बंद किया गया। उन पर हत्या-डकैती समेत कई मुकदमे दर्ज हुए। हालांकि, अदालत से उन्हें मामले में राहत मिल गई।

Search

Archives