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डेब्यू टेस्ट में छाए मानव सुथार : पहले ही टेस्ट में झटके 7 विकेट, बोले- आज मेरा सपना पूरा हुआ

मुल्लांपुर । भारत और अफगानिस्तान के बीच मुल्लांपुर में खेला गया एकमात्र टेस्ट मैच तीसरे ही दिन समाप्त हो गया। भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रन से हराकर टेस्ट क्रिकेट इतिहास की अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायकों में युवा स्पिन ऑलराउंडर मानव सुथार रहे, जिन्होंने अपने डेब्यू टेस्ट में गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। मानव ने मैच में कुल सात विकेट अपने नाम किए। पहली पारी में उन्होंने छह विकेट झटके, जबकि दूसरी पारी में एक सफलता हासिल की। इसके अलावा भारतीय टीम की पहली पारी में उन्होंने 41 गेंदों पर 28 रनों की उपयोगी पारी भी खेली। उनके हरफनमौला प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

‘मेरा बचपन का सपना पूरा हुआ’ :  मैच के बाद मानव ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट खेलना उनका बचपन का सपना था और भारत की टेस्ट कैप हासिल करना उनके लिए बेहद खास और भावुक पल रहा। उन्होंने कहा, ‘भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना मेरा हमेशा से सपना रहा है। जब मुझे टेस्ट कैप मिली तो वह एहसास अविश्वसनीय था। सच कहूं तो कुछ समय तक मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि मैं भारतीय टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट खेल रहा हूं।’

बल्लेबाजी ने बढ़ाया आत्मविश्वास :  मानव ने बताया कि बल्लेबाजी के दौरान ही उन्हें पिच के मिजाज का अंदाजा हो गया था। उन्होंने कहा, ‘जब मैं बल्लेबाजी करने उतरा तो मैं काफी सहज महसूस कर रहा था। कुछ गेंदें खेलने के बाद मुझे समझ आ गया कि विकेट पर स्पिनरों के लिए मदद मौजूद है। बाद में जब गेंदबाजी करने आया तो मुझे भी वही महसूस हुआ। इसके बाद मेरा पूरा ध्यान सही लाइन, लेंथ और गति के साथ लगातार गेंदबाजी करने पर रहा।’

शुरुआत में स्टॉक बॉल पर रखा भरोसा :  युवा स्पिनर ने बताया कि शुरुआत में उनका मकसद विकेट को समझना था, इसलिए उन्होंने अपनी स्टॉक डिलीवरी पर ज्यादा भरोसा किया। उन्होंने कहा, ‘शुरुआत में मैं विकेट के व्यवहार को समझना चाहता था। इसलिए मैंने अपनी स्टॉक बॉल का ज्यादा इस्तेमाल किया। जब समझ आया कि विकेट थोड़ा धीमा है और गति में बदलाव की जरूरत है, तब मैंने अपनी गेंदबाजी में विविधता लानी शुरू की। लेकिन मेरा मुख्य लक्ष्य हमेशा अपनी स्टॉक गेंद को अधिक प्रभावी बनाना था।’

दूसरी नई गेंद मिलना गर्व की बात :  मानव ने कहा कि कप्तान और टीम प्रबंधन द्वारा उन्हें दूसरा नया गेंद सौंपा जाना उनके लिए गर्व का क्षण था। उन्होंने कहा, ‘दूसरी नई गेंद मिलना मेरे लिए गर्व की बात थी। इसका मतलब है कि टीम और कप्तान को मुझ पर भरोसा है और यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है।’

डीआरएस विवाद पर भी दिया जवाब :  मैच के दौरान एक मौके पर मानव रिव्यू लेना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली। इस पर उन्होंने कहा कि वह फैसला पूरी तरह उस समय की परिस्थितियों में लिया गया था। सुथार ने कहा, ‘वह पूरी तरह उस पल का फैसला था। जहां मैं खड़ा था, वहां से बल्लेबाज पूरी तरह आउट लग रहा था। इसलिए मुझे लगा कि रिव्यू लेना चाहिए।’

टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा सबक :  मैच से मिली सबसे बड़ी सीख के बारे में पूछे जाने पर मानव ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में सफलता की कुंजी निरंतरता और धैर्य है। उन्होंने कहा, ‘इस मैच से मैंने सबसे बड़ी सीख यही ली है कि निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण चीज है। आपको लगातार एक ही क्षेत्र में गेंदबाजी करनी होती है। टेस्ट क्रिकेट धैर्य की परीक्षा लेता है। आपको अपनी योजनाओं पर कायम रहना होता है और बार-बार सही जगह पर गेंद डालनी होती है।’ डेब्यू टेस्ट में सात विकेट और उपयोगी बल्लेबाजी के साथ मानव सुथार ने न सिर्फ भारत की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई, बल्कि यह भी संकेत दे दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य के लिए एक और भरोसेमंद स्पिन ऑलराउंडर मिल सकता है।

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