कोरबा। वन मंडल कोरबा के करतला रेंज स्थित पुरेना गांव में गुरुवार सुबह आवारा कुत्तों के हमले से 4 साल के चीतल की मौत हो गई। 3-4 कुत्तों ने चीतल को मंदिर की ओर से करीब 3 किमी तक दौड़ाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इलाज के दौरान बरपाली में उसकी मौत हो गई।
यह इस साल वन्य जीव दुर्घटना की पहली घटना है। सरपंच कृष्णा बिंझवार ने बताया कि मड़वारानी पहाड़ के नीचे तालाब और जल स्रोत होने के कारण हिरण और चीतल पानी पीने पहुंचते हैं। इनकी संख्या 15 से 20 तक होती है। बुधवार सुबह करीब 6 बजे मंदिर की ओर से 3-4 आवारा कुत्ते एक चीतल को दौड़ाते हुए गांव के पास तक ले आए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना चौकीदार बुधराम यादव को दी और कुत्तों को भगाया।
हमले में चीतल गंभीर रूप से घायल हो गया था। वनकर्मी घायल चीतल को सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी बरपाली के पास लेकर गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामीणों की उपस्थिति में अंतिम संस्कार किया गया।
एसडीओ एसके सोनी ने बताया कि वन्य जीव दुर्घटना की यह इस साल की पहली घटना है। पहले मड़वारानी क्षेत्र में हर साल 5 से 6 चीतलों की आवारा कुत्तों के हमले से मौत हो जाती थी। इस साल घटनाओं में कमी आई है। जंगल के बीच पानी की व्यवस्था होने से अब हिरण गांव किनारे कम ही आते हैं। सुरक्षा के लिए क्षेत्र में चौकीदार भी नियुक्त किए गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भालू भी रहते हैं। जंगली सुअर भी घूमते रहते हैं। इसके पहले भी कुत्तों ने हिरण को दौड़ाकर घायल किया था। तब ग्रामीणों ने कुत्तों को भगाकर जान बचाई थी। वन विभाग ने बताया कि तालाब और जल स्रोत के कारण वन्यजीव पानी पीने आते हैं। आवारा कुत्तों का आतंक रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।







