भारतीय टीम लंबे समय बाद टेस्ट मैच खेलने उतरेगी। भारत और अफगानिस्तान के बीच शनिवार से मुल्लांपुर में एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाएगा। यह मैच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का हिस्सा नहीं है, लेकिन आगे टीम की डगर कठिन है इसलिए वह उचित संयोजन तैयार करने के इरादे से उतरेगा। भारत का पिछले कुछ समय में घरेलू टेस्ट मैचों में निराशाजनक प्रदर्शन रहा है, लेकिन उसकी टीम अब भी बेहद मजबूत है।
नंबर तीन पर कोच ने स्पष्ट किया रुख : सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर थी कि इस मैच में नंबर तीन के स्थान पर साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल में से कौन उतरेगा। मैच से एक दिन पहले ही मुख्य कोच गौतम गंभीर ने स्पष्ट किया है कि तीसरे नंबर पर साई सुदर्शन बल्लेबाजी के लिए आएंगे। यानी यह तय है कि पडिक्कल अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में नहीं खेलेंगे। गंभीर का तर्क है कि सुदर्शन को तीसरे नंबर पर ज्यादा मौके नहीं है और चार-पांच मैचों से उनका आकलन नहीं किया जा सकता है।
जडेजा के विकल्प की करनी होगी तलाश : भारतीय खिलाड़ी पिछले साल बेहतरीन तैयारी के साथ मैदान में उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम से 0-2 से मिली करारी हार को नहीं भूले होंगे और वह अनुभव के अंतर के बावजूद विपक्षी टीम को हल्के में न लें तो बेहतर होगा। तीसरे नंबर का बल्लेबाज और लाल गेंद की क्रिकेट में रवींद्र जडेजा के संभावित उत्तराधिकारी दो ऐसे पहलू हैं जिन्हें मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला से पहले इस मैच में दौरान सुलझाना चाहेंगे।
इस मैच में रवींद्र जडेजा को आराम दिया गया है, लेकिन यह एक सच्चाई है कि भारतीय चयनकर्ता और टीम प्रबंधन राजकोट के इस ऑलराउंडर के बिना भी टीम को तैयार करने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इसका एक प्रमुख कारण जडेजा का गेंदबाजी में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाना रहा है। जडेजा की सबसे बड़ी खूबी विदेशी परिस्थितियों में टेस्ट मैच में उनकी बल्लेबाजी है, जो अभी भी बेहतरीन है और इसलिए उनके पास अभी कुछ समय है। लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन ने उनके विकल्प की तलाश शुरू कर दी है और इसलिए उसने मानव सुथार और हर्ष दुबे को टीम में रखा है।







