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कोरबा छत्तीसगढ़

गर्भ में पल रहा शिशु कैसे बताये कि मुझे प्यास लग रही है… पीएचसी जटगा में पानी की एक बूंद नहीं…

डिलीवरी के लिए बाहर से पानी लाना पड़ रहा

तुमान। भीषण गर्मी के साथ नवतपा का दूसरा दिन है। लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए शुद्ध ठंडा पेयजल का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में एक झकझोर देने वाला मामला जटगा पीएचसी में सामने आया है। यहां उपचार कराने पहुंच रही गर्भवती महिलाओं को प्यास बुझाने के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। ऐसे में स्वभाविक है कि गर्भ में पल रहे शिशु के कंठ तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। दुनिया में आने से पहले ही शिशु को पानी जैसी आवश्यक सुविधा से दो चार होना पड़ रहा है। इसे गंभीरता से समझने की आवश्यकता है। गर्भ में पल रहा प्यासा शिशु अपनी समस्या किसी को नहीं बता सकता। यह स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में बैठे अधिकारियों के लिए बड़ी ही शर्मनाक बात है।

पीएचसी जटगा में बाहरी चमक दमक की वजह से हमेशा से सुखियों में रहा है, लेकिन भीषण गर्मी ने पीएचसी की पोल खोलकर रख दी है। बताया जा रहा है यहां गर्भवती महिलाओं को पानी की एक बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। यहां तक की डिलीवरी के लिए बाल्टी से पानी लाना पर पड़ रहा है। इस संबंध में प्रभारी डॉक्टर से चर्चा की गई। उन्होंने बताया बाहर से पानी लाकर अब तक 20 डिलीवरी करा चुके हैं। यहां पानी की समस्या कई महीनो से बनी हुई है। सुशासन तिहार के दौरान विभाग ने समस्या से अवगत कराया है।

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