आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 : अब सेमीफाइनल की रेस शुरू हो चुकी है। इस साल के टी20 विश्वकप में कुल मिलाकर 20 टीमों ने हिस्सा लिया है। पहले राउंड के बाद 12 टीमों का सफर समाप्त हो चुका है। अब खिताब जीतने की रेस में केवल आठ ही टीमें बची हैं, जिनके बीच सुपर 8 के मैच इस वक्त खेले जा रहे हैं। इन आठ में से केवल चार ही टीमें सेमीफाइनल में जाएंगी, यानी चार टीमों का खेल इस राउंड के बाद खत्म हो जाएगा।
भारत के ग्रुप में साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज के अलावा जिम्बाब्वे भी शामिल : टीम इंडिया के ग्रुप में जो तीन टीमें आई हैं, उसमें साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज के अलावा जिम्बाब्वे भी शामिल हैं। भारत का सुपर 8 में पहला मैच साउथ अफ्रीका से है, इसके बाद टीम जिम्बाब्वे से भिड़ेगी। इसके बाद 1 मार्च को भारत और वेस्टइंडीज के बीच मुकाबला होगा, जो भारत का आखिरी सुपर 8 का मैच होगा।
टीम इंडिया अगर तीन के तीन मैच जीत जाती है तो बिना किसी शंका के सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। भारत की तीन जीत का मतलब ये होगा कि उसके ग्रुप की दूसरी कोई टीम छह अंक हासिल नहीं कर पाएगी। लेकिन अगर भारत ने दो ही मैच जीते और एक हार गई तो भी सेमीफाइनल में पहुंच सकती है, लेकिन इसके लिए दूसरी टीमों के प्रदर्शन पर नजर रहेगी।
सुपर 8 में नेट रन रेट निभाएगा काफी ज्यादा अहम भूमिका : सुपर 8 में ऐसा होगा कि एक से अधिक टीमें बराबर अंक लेकर खड़ी होंगी, ऐसे में कौन सी टीम आगे है और कौन सी पीछे इसका फैसला नेट रन रेट से होगा। इसलिए कोशिश होगी कि जो टीम एक मैच हारे और दो जीते, वो बड़ी हार ना हारे और जो दो मैच जीते, वो बड़े अंतर से जीते, ताकि नेट रन रेट पर ज्यादा असर ना हो। लेकिन जो टीम तीन में से एक ही मैच जीतेगी, उसके लिए आगे के रास्ते करीब-करीब बंद हो जाएंगे। क्योंकि दो अंक लेकर सेमीफाइन में जाना बहुत मुश्किल होगा। देखना होगा कि भारत के ग्रुप से सेमीफाइनल में कौन सी दो टीमें जाती हैं और कौन सी दो टीमों का खेल यहीं पर खत्म हो जाता है।







