इस साल नवरात्रि में मां दुर्गा नौका पर सवार होकर आएंगी। नवरात्रि के 9 दिन में सद्विचारों के साथ रहना चाहिए। मां दुर्गा की भक्ति में मन लगाना चाहिए और शुद्ध सात्विकता के साथ नियमों का पालन करना चाहिए। आइए आपको बताते हैं नवरात्र के 9 दिनों को लेकर शास्त्रों में कौन से नियम बताए गए हैं।
घर की साफ-सफाई
नवरात्रि शुरू होने से पहले घर की अच्छे से साफ-सफाई कर लें। घर के किसी कोने में जाले नहीं लगे होने चाहिए। इसके साथ ही घर में किसी प्रकार की पुरानी टूटी-फूटी चीजें न रखें और इन्हें नवरात्रि से पहले हर घर से हटा दें और अच्छे से घर के हर कोने की साफ-सफाई कर लें। घर के पूजा स्थान की भी नवरात्र से पहले साफ-सफाई कर लें। भगवान के सभी वस्त्र, पोशाक और आसान धोकर डाल दें और मंदिर में से अनुपयोगी वस्तुएं हटा दें।
मन में सात्विकता बनाए रखें
शास्त्रों में बताया गया है कि नवरात्रि के 9 दिनों में पूरी तरह से सात्विकता का पालन करना चाहिए। इन दिनों मांस मदिरा और प्याज लहसुन का सेवन भूलकर भी न करें। नवरात्रि से पहले इन्हें घर से हटा देना चाहिए। यदि आपके घर में प्याज लहसुन बचा भी है तो इसे रसोई से निकालकर अलग कहीं किसी कोने में रख दें। यदि आप पूरे दिन 9 दिन व्रत नहीं भी रख रहे हैं तो भी आपको सादा भोजन कम से कम इन 9 दिनों में करना चाहिए।
नाखून और बाल कटवाना
चमड़े की वस्तुओं से करें परहेज
नवरात्रि के 9 दिनों में लैदर की कोई वस्तु न ही खरीदनी चाहिए और न ही पहननी चाहिए। इसके पीछे कारण यह है कि लैदर की वस्तुओं को बनाने में जानवरों की खाल का प्रयोग किया जाता है। इसलिए ऐसी चीजों का प्रयोग नवरात्रि में वर्जित माना जाता है। बेहतर होग कि नवरात्रि के 9 दिनों में आप चमड़े की किसी वस्तु का प्रयोग न करें।
बुजुर्गों को सम्मान बच्चों को प्यार
नवरात्रि के 9 दिनों में किसी बुजुर्ग का भूलकर भी अपमान न करें। इन दिनों में बच्चों के साथ प्यार से पेश आएं और भूलकर भी उनके ऊपर हाथ न उठाएं। मान्यता है कि बुजुर्गों का अपमान करने वालों से मां दुर्गा कभी खुश नहीं रहती हैं। नवरात्रि के दिनों में छोटी कन्याओं के लिए उपहार लाने चाहिए और उन्हें आदरपूर्वक घर बुलाकर भेंट करना चाहिए।







